उत्तराखंड: उत्तराखंड के राजकीय शिक्षकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। मंगलवार को माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती और राजकीय शिक्षक संघ के पदाधिकारियों के बीच उच्च स्तरीय बैठक आयोजित हुई।
लिया यह निर्णय
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिसमें शिक्षकों की लंबे समय से लंबित मांगों पर सहमति बनी है। सबसे महत्वपूर्ण निर्णय 22 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके शिक्षकों को प्रोन्नत वेतनमान (ACP) का लाभ देने को लेकर लिया गया है। बैठक में तय किया गया कि एसीपी लागू करने से पहले केंद्र सरकार और अन्य राज्यों की व्यवस्थाओं का बारीकी से अध्ययन किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन शिक्षकों को 20 या 21 वर्ष की सेवा में पदोन्नति (Promotion) मिल चुकी है, उन्हें भी इस लाभ से वंचित नहीं रखा जाएगा, ताकि वेतन विसंगति की स्थिति पैदा न हो।
अन्य प्रमुख निर्णय और प्रस्ताव
शिक्षकों को एक कैलेंडर वर्ष में अपने गृह जनपद आने-जाने के लिए विशेष ‘यात्रा अवकाश’ देने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। राजकीय शिक्षक संघ के संविधान में संशोधन कर सभी संवर्ग के शिक्षकों को संगठन में मतदान का अधिकार देने पर सहमति बनी है। वहीं निदेशक ने बताया कि उच्च न्यायालय में लंबित वादों के कारण प्रमोशन प्रक्रिया रुकी हुई है, लेकिन विभाग जल्द ही इसका समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है।