उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड में स्थित विश्व प्रसिद्ध चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट अक्टूबर में बंद होंगे।
रुद्रनाथ की चल विग्रह डोली गोपीनाथ मंदिर के लिए करेगी प्रस्थान
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विश्व प्रसिद्ध चतुर्थ केदार रुद्रनाथ मंदिर के कपाट कल 17 अक्तूबर को शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इस दिन सुबह ब्रह्म मुहुर्त में पूजा-अर्चना के बाद रुद्रनाथ की चल विग्रह डोली गोपीनाथ मंदिर के लिए प्रस्थान करेगी। इसके बाद छह माह तक भगवान रुद्रनाथ के दर्शन शीतकालीन गद्दीस्थल गोपेश्वर के गोपीनाथ मंदिर में होंगे। यहां शीतकालीन पूजा होगी।
भोलेनाथ के मुख के होते हैं दर्शन
रुद्रनाथ मन्दिर भारत के उत्तराखण्ड राज्य के चमोली जिले में स्थित भगवान शिव का एक मन्दिर है। रुद्रनाथ मंदिर, जो पंच केदार में से एक है। समुद्रतल से 2290 मीटर की ऊंचाई पर स्थित रुद्रनाथ मंदिर भव्य प्राकृतिक छटा से परिपूर्ण है। रुद्रनाथ में भगवान शिव के मुख दर्शन होते हैं। यह भारत में इकलौता ऐसा मंदिर है, जहां भगवान भोलेनाथ के मुख की पूजा होती है। रुद्रनाथ मंदिर में भगवान शंकर के एकानन यानि मुख की पूजा की जाती है, जबकि संपूर्ण शरीर की पूजा नेपाल की राजधानी काठमांडू के पशुपतिनाथ में की जाती है। रुद्रनाथ मंदिर के सामने से दिखाई देती नन्दा देवी और त्रिशूल की हिमाच्छादित चोटियां यहां का आकर्षण बढाती हैं। भगवान रुद्रनाथ की यात्रा गोपेश्वर के पास स्थित सगर गांव से शुरू होती है। शीतकाल में जब रुद्रनाथ मंदिर के कपाट बंद हो जाते हैं, तब उनकी पूजा गोपेश्वर के गोपीनाथ मंदिर में की जाती है।