Site icon Khabribox

उत्तराखंड: पहली बार देहरादून में विराजे न्याय के देवता, ढोल-दमाऊं और पुष्पवर्षा के साथ हुआ भव्य स्वागत




देहरादून: उत्तराखंड के आराध्य और न्याय के देवता के रूप में पूजे जाने वाले गोल्ज्यू महाराज का दिव्य रथ बुधवार को पहली बार चंपावत से देहरादून पहुँचा।


हुआ भव्य स्वागत


इस मौके पर अपने मूल स्थान से राजधानी पहुँचे गोल्ज्यू महाराज के स्वागत में पूरी दून घाटी ‘जयकारों’ से गूंज उठी। शहर में कुल नौ स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा और पारंपरिक वाद्ययंत्र ढोल-दमाऊं की थाप पर रथ का भव्य अभिनंदन किया। यात्रा के देहरादून संयोजक डा. बिपिन जोशी के नेतृत्व में श्रद्धालुओं ने मणि माई मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ रथ की अगवानी की। इसके बाद स्वागत का सिलसिला शहर के विभिन्न हिस्सों में चलता रहा। यात्रा ने ऐतिहासिक टपकेश्वर महादेव मंदिर में हाजिरी लगाई, जहाँ महंत कृष्णा गिरी महाराज और मुख्य पुजारी दिगंबर भरत गिरी ने दर्शन किए। इसके अलावा माता वैष्णो देवी गुफा मंदिर और रायपुर रोड स्थित काली मंदिर में भी भारी भीड़ उमड़ी।



खास है महत्व


कुमाऊं के लोक देवता गोल्ज्यू महाराज को ‘न्याय का देवता’ माना जाता है। मान्यता है कि जो कहीं से न्याय नहीं पाता, वह महाराज के दरबार में अर्जी लगाता है।

Exit mobile version