उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में स्थित आदि कैलास यात्रा में बड़ी संख्या में लोग पंहुचते है। वहीं पीएम नरेन्द्र मोदी की यात्रा के बाद आदि कैलास का फलक अब देश-दुनिया तक है।
मैराथन का आयोजन
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महिला महादेव के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। इसी क्रम में अब यहां इस क्षेत्र को और अधिक पहचान दिलाने के लिए आज पर्यटन विभाग द्वारा अल्ट्रा मैराथन का आयोजन कराया गया। इस मैराथन में देशभर के सैकड़ो धावक और अन्य लोग शामिल हुए। यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर का आयोजित हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक पिथौरागढ़ के आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन का आयोजन 14000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर माइनस 2 डिग्री तापमान के बीच किया गया। जिसमें देश दुनिया के 800 से अधिक एथलीट्स ने हिस्सा लिया। इस मैराथन की खास बात ये रही कि इसमें 20 साल से लेकर 65 साल तक के एथलीट्स ने हिस्सा लिया। आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन गुंजी, कालापानी होते हुए गुंजी में तकरीबन 60 किलोमीटर की दूरी तय करके समाप्त हुई।
युवाओं में दिखा उत्साह
रिपोर्ट्स के मुताबिक आदि कैलाश अल्ट्रा मैराथन का उद्घाटन केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राज्य मंत्री अजय टम्टा ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि विश्व प्रसिद्ध आदि कैलाश पर्वत की पवित्र धरा पर आयोजित यह देश की पहली उच्च हिमालयी अल्ट्रा मैराथन (10,300 से 15,000 फीट की ऊंचाई पर) न केवल रोमांच और साहस का प्रतीक है, बल्कि स्वस्थ जीवन, युवा सशक्तिकरण और सीमांत विकास का संदेश देने वाला प्रेरणादायी अभियान भी है। आदि कैलास और ओम पर्वत यात्रा को पूरे देश में लोकप्रिय बनाने के लिए आज 2 नवंबर को आदि कैलास परिक्रमा पथ मैराथन दौड़ आयोजित हुई। इस दौड़ में देश भर के 800 से अधिक मैराथन धावकों ने अपना दम खम दिखाया।