उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड में बहुप्रतीक्षित ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में कार्य जारी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की स्वप्निल ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना कुल 16,216 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही है। इसी वर्ष 2025 तक इसे पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
बहुप्रतीक्षित ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना को मिली यह सफलता
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक बहुप्रतीक्षित कर्णप्रयाग रेल परियोजना की सबसे लंबी सुरंगों में काम कर रही दो टीबीएम (टनल बोरिंग मशीन) ‘शिव’ और ‘शक्ति’ हर माह कीर्तिमान स्थापित कर रहीं हैं। जिसके बाद अब रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) को एक और सफलता मिली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पौड़ी जनपद में श्रीनगर से डुंगरी पंथ (धारी देवी रेलवे स्टेशन यार्ड) तक 9.05 किमी लंबी मुख्य रेल सुरंग आर-पार हो गई है। श्रीनगर के जी एंड आइटीआइ मैदान से डुंगरी पंथ के बीच मुख्य सुरंग की खोदाई वर्ष 2021 में शुरू हुई थी। सुरंग में खोदाई के साथ-साथ फाइनल कंक्रीट लाइनिंग का कार्य भी चल रहा है। अब तक मुख्य सुरंग के 5.29 हिस्से किमी में फाइनल लाइनिंग हो चुकी है।
इस दिन से शुरू हुआ था कार्य
ऋषिकेश से कर्णप्रयाग तक 125 किमी लंबी इस परियोजना में 104 किमी लंबी रेल लाइन 17 सुरंगों से होकर गुजरेगी। इन मशीनों का व्यास 9.11 मीटर और लंबाई 140 मीटर है, जो 7.8 मीटर की फिनिश्ड लाइनिंग वाली सुरंगें बनाने के लिए डिजाइन की गई हैं। जिसमें ‘शक्ति’ ने 16 दिसंबर 2022 को और ‘शिव’ ने एक मार्च 2023 को खोदाई का कार्य शुरू किया था।