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उत्तराखंड: चौखुटिया आंदोलन प्रकरण पर प्रदेश सरकार ने ठोस और त्वरित कदम उठाए, लेकिन कांग्रेस विधायक जानबूझकर भड़का रहे- राजीव गुरुरानी

उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राजीव गुरुरानी ने कहा कि चौखुटिया आंदोलन प्रकरण पर प्रदेश सरकार ने ठोस और त्वरित कदम उठाए, इसके बावजूद कांग्रेस विधायक आंदोलन को भड़काने का कार्य कर रहे हैं। जबकि चौखुटिया क्षेत्र में कांग्रेस के ही विधायक हैं, फिर भी वे समाधान में सहयोग देने के बजाय आग में घी डालने जैसा व्यवहार कर रहे हैं।

कहीं यह बात

उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान क्षेत्र की एक प्रमुख मांग सीएचसी के उच्चीकरण को सरकार ने आंदोलन प्रारंभ होने के मात्र 20वें दिन ही स्वीकृत कर दिया। 22वें दिन डॉक्टरों की तैनाती भी कर दी गई। डॉक्टरों द्वारा ज्वाइन न करने की स्थिति में अल्मोड़ा से दो डॉक्टरों को अस्थायी रूप से संबंध कर भेजा गया, ताकि जनता को त्वरित स्वास्थ्य सुविधा मिले और आगे स्थायी नियुक्ति सुनिश्चित की जा सके। गुरुरानी ने कहा कि यह सकारात्मक कदम कांग्रेस विधायक मनोज तिवारी को रास नहीं आया। इसलिए उन्होंने 25वें दिन घेराव व प्रदर्शन कर डॉक्टरों का संबंध आदेश निरस्त करवाने की दिशा में दबाव बनाया, ताकि आंदोलन पुनः भड़के और क्षेत्र में अराजकता का माहौल बन सके।

कहा- प्रदेश को नई दिशा देने का कार्य पूरी प्रतिबद्धता से जारी

उन्होंने कहा कि कांग्रेस राजनीतिक स्वार्थ में डूबी हुई है और जनता की समस्याओं को अपनी राजनीति का साधन बना रही है। इससे पूर्व भी विधायक अल्मोड़ा द्वारा आपदा में स्वीकृत क़्वारब वैकल्पिक मार्ग को तंबू गाड़कर रोक दिया गया था, जिससे व्यापारी और आम जनता बेहद परेशान हुई। उल्टा व्यापारियों को भड़का कर सरकार के विरोध में मसाल जुलूस जैसे आंदोलन करवाए गए। राजीव गुरुरानी ने कहा कि विरोध की राजनीति करने वाली कांग्रेस को जनता लगातार नकार रही है। यही कारण है कि नगर पालिका, जिला पंचायत और सभी ब्लॉक प्रमुख पदों पर कांग्रेस को जनता ने पूरी तरह हरा दिया है। आगे उन्होंने कहा कि धामी सरकार अपने चार वर्ष पूरे करते हुए विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रही है और प्रदेश को नई दिशा देने का कार्य पूरी प्रतिबद्धता के साथ जारी है।

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