उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए खास पहचान रखता है। ऐसे में उत्तराखंड में कुछ दिनों पहले दुर्लभ बीमारी की पुष्टि हुई है।
इस बीमारी का खतरा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह दुर्लभ बीमारी सिस्टिक इचिनोकोकोसिस है। जिसकी चपेट में आने वाले मरीजों के लीवर और फेफड़ों मेंं जहरीली गांठ बनने का खतरा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तराखंड में पिछले कुछ वर्षों में 25 मरीजों में इसकी पुष्टि हो चुकी है। उत्तरकाशी, चमोली और टिहरी से इसके सबसे अधिक मामले सामने आए हैं।
शोध में चौंकाने वाला खुलासा
रिपोर्ट्स के मुताबिक दरअसल लाइफ जर्नल की ओर से कश्मीर में इस बीमारी के संदिग्ध मरीजों पर शोध किया गया। वर्ष 2024 में जारी शोध रिपोर्ट में 110 में से 12 मरीजों में इस बीमारी की पुष्टि हुई। जिसमें यह पता चला कि जिस क्षेत्र में लोग भेड़, बकरी और कुत्तों को एक साथ पालते हैं तो इचिनोकोकस ग्रैनुलोसस नाम का एक परजीवी पनपता है। यह फल और सब्जी जैसे खाद्य पदार्थों के माध्यम से मनुष्य के शरीर में प्रवेश कर जाता है। यह परजीवी लीवर और फेफड़े पर हमला कर एक जहरीली गांठ तैयार करता है जो जानलेवा भी हो सकती है। जिसके बाद अब उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों से आने वाले इस बीमारी के संदिग्ध मरीजों पर अध्ययन किया जा रहा है। उत्तराखंड में होने वाला यह पहला अध्ययन होगा जो राजकीय दून मेडिकल कॉलेज चिकित्सालय के वरिष्ठ जनरल सर्जन डॉ. अभय कुमार की ओर से किया जा रहा है।