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उत्तराखंड: बढ़ती सर्दियों के साथ बच्चों में बढ़ता है निमोनिया का खतरा, जानें लक्षण, इन बातों का रखें खास ध्यान

उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड में ठंड में तेजी से इजाफा होने लगा है। दिसंबर का महीना शुरू हो गया है। इसके साथ ही ठंड में तेजी से इजाफा हुआ है। ऐसे में बुजुर्गों और छोटे बच्चों का खास ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

सेहत का खास ध्यान रखें

वहीं बढ़ती सर्दियों में छोटे बच्चों में सर्दी-खांसी, जुकाम और विशेष रूप से निमोनिया के मामले बढ़ने लगते हैं। जिससे सांस से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में इस मौसम में बच्चों की सुरक्षा और सही देखभाल पर विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी है। अगर बच्चों में तेज बुखार, सीने में दर्द और जकड़न होना। छाती का धंसना और सांस लेने में तकलीफ़ या तेज सांस होना। सिरदर्द और मांसपेशियों में दर्द होना। मितली, उल्टी और दस्त। सीने से गड़गड़ाहट की आवाज आना। अगर ये लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

सर्दियों में इन बातों का ध्यान रखें

📌📌जिस पर जरूरी बातों का खास ध्यान रखें। बच्चे को मल्टी-लेयर गर्म कपड़े पहनाए जाएं और उसके हाथ-पैर हमेशा ढके रहें, ताकि शरीर की गर्माहट बनी रहे।
📌📌हीटर का इस्तेमाल करते समय कमरे में नमी बनाए रखना जरूरी है। इसके लिए आप ह्यूमिडिफायर का उपयोग कर सकते हैं।
📌📌बच्चों को न्यूमोकोकल और फ्लू वैक्सीन समय पर लगवाना बेहद जरूरी है।
📌📌सर्दियों में रोजाना 10-15 मिनट हल्की धूप बच्चों के स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होती है। धूप से शरीर में विटामिन D का निर्माण होता है, जो इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है।
📌📌डॉक्टरों के अनुसार दूध की बोतल बच्चों में निमोनिया या अन्य संक्रमण फैलने का सबसे बड़ा कारण बन सकती है। हमेशा बोतल को उबालकर या स्टरलाइज़ करके ही इस्तेमाल करें।

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