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उत्तराखंड के आकाश ने रचा इतिहास, फतह किया माउंट एल्ब्रस, सेवन समिट्स’ से एक कदम दूर

उत्तराखंड: उत्तराखंड के लाल और जांबाज पर्वतारोही आकाश नेगी को बधाई दीजिए। उन्होंने एक बार फिर वैश्विक पटल पर देवभूमि का मान बढ़ाया है।

रचा यह इतिहास

35 वर्षीय आकाश ने यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रस (5,642 मीटर) पर सफलतापूर्वक तिरंगा फहराकर एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मूल रूप से रुद्रप्रयाग जिले के चोपता जाखणी गांव के निवासी आकाश नेगी ने 19 जून को स्थानीय समयानुसार सुबह 7 से 8 बजे के बीच इस दुर्गम चोटी पर फतह हासिल की। इस ऐतिहासिक कामयाबी के साथ ही आकाश ने प्रतिष्ठित ‘सेवन समिट्स चैलेंज’ (दुनिया के सात महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटियों को फतह करने का अभियान) के तहत छह महाद्वीपों की सर्वोच्च चोटियों पर अपना सफल आरोहण पूरा कर लिया है। अब वह अपने अंतिम लक्ष्य से महज एक कदम दूर हैं। आकाश का परिवार वर्तमान में देहरादून के गणेशपुर में रहता है। उनके पिता मातबर सिंह नेगी ने 18 साल भारतीय वायु सेना में देश की सेवा की और इसके बाद वह संयुक्त राष्ट्र (UN) में 20 वर्षों तक कार्यरत रहे। आकाश वर्ष 2007 में अपने परिवार के साथ अमेरिका चले गए थे, जहां उन्होंने अपनी हाई स्कूल और यूनिवर्सिटी की शिक्षा पूरी की। वह पहले मशहूर वित्तीय संस्थान जेपी मॉर्गन चेस में काम कर चुके हैं और वर्तमान में फार्मा कंपनी नोवार्टिस में कार्यरत हैं।

देखें रिकॉर्ड

माउंट डेनली (उत्तरी अमेरिका): 2016
• ​एकॉन्कागुआ (दक्षिण अमेरिका): 2017
• ​माउंट किलिमंजारो (अफ्रीका): 2018
• ​माउंट एवरेस्ट (एशिया): 23 मई 2021 (कोविड काल के दौरान)
• ​पुंचक जया / कार्सटेंज पिरामिड (ओशिनिया): 16 अक्टूबर 2025
• ​माउंट एल्ब्रस (यूरोप): 19 जून 2026
​अंटार्कटिका का ‘माउंट विन्सन’ है आखिरी चुनौती

​माउंट एल्ब्रस पर जीत दर्ज करने के बाद आकाश का अगला और अंतिम लक्ष्य अंटार्कटिका की सर्वोच्च चोटी माउंट विन्सन को फतह करना है। यदि उनका यह आगामी अभियान भी सफल रहता है, तो वह ‘सेवन समिट्स चैलेंज’ को पूरा करने वाले भारत के सिर्फ चौथे और जुड़वां बहनों ताशी-नुंग्शी मलिक के बाद उत्तराखंड के दूसरे पर्वतारोही बन जाएंगे।

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