उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड में मौसम ने ऐसी करवट बदली है कि कैलेंडर तो मार्च दिखा रहा है, लेकिन अहसास कड़ाके की जनवरी जैसा हो रहा है।
मौसम ने बदली करवट
होली के बाद जिन गर्म कपड़ों को पैक कर दिया गया था, लगातार हो रही बारिश और बर्फीली हवाओं ने उन्हें दोबारा बाहर निकलवा दिया है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से पूरे प्रदेश में पारे में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आंकड़ों के अनुसार:
• नवंबर: 98% कम बारिश।
• दिसंबर: पूरी तरह सूखा।
• फरवरी: 94% कम बारिश। अब मार्च में लगातार हो रहे हिमपात और वर्षा ने पिछले कई महीनों की कमी को पूरा कर दिया है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है।
ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी
मौसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार, अगले 24 घंटे उत्तराखंड के लिए भारी हो सकते हैं। मौसम विभाग ने निम्नलिखित चेतावनी जारी की है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में बर्फबारी के साथ बारिश के आसार हैं। मैदानी जिलों (हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर) और मध्य हिमालयी क्षेत्रों (पौड़ी, अल्मोड़ा, नैनीताल) में ओले गिरने और 50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। चकराता और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं से बागवानी फसलों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है। 22 और 23 मार्च से मौसम साफ होने की उम्मीद है। हालांकि, 21 मार्च तक ऊंचाई वाले इलाकों में बिजली चमकने और हल्की बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रह सकता है। 22 मार्च के बाद ही तापमान में दोबारा बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।