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उत्तरकाशी: स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने की दिशा में खास पहल, जनपद के तीन स्वास्थ्य केंद्रों में हुआ गुणवत्ता का मूल्यांकन

उत्तरकाशी से जुड़ी खबर सामने आई है। जनपद उत्तरकाशी में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है।

की यह महत्वपूर्ण पहल

जिस पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भागेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में तीन आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का गुणवत्ता मूल्यांकन राष्ट्रीय स्तर के मानकों पर संपन्न कराया गया। यह मूल्यांकन National Health Mission के अंतर्गत संचालित National Quality Assurance Standards (NQAS) के निर्धारित मापदंडों के आधार पर किया गया। जनपद के आयुष्मान आरोग्य मंदिर ढकाड़ा एवं पोरा (ब्लॉक-पुरोला) तथा पोंटी (ब्लॉक-नौगांव) में यह गुणवत्ता परीक्षण संपन्न किया गया। इस निरीक्षण का उद्देश्य स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध सेवाओं की गुणवत्ता, पारदर्शिता, स्वच्छता, रिकॉर्ड प्रबंधन, दवा उपलब्धता, मानव संसाधन, रोगी संतुष्टि एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन का आंकलन करना था।

ली यह जानकारी

भारत सरकार की ओर से गठित विशेषज्ञ टीम द्वारा विस्तृत निरीक्षण किया गया। आयुष्मान आरोग्य मंदिर ढकाड़ा में डॉ. प्रीति मदान एवं डॉ. मनीष खरे ने मूल्यांकन किया। वहीं आयुष्मान आरोग्य मंदिर पोरा में श्रीमती रेणुका सिंदे एवं श्रीमती आनंदी बिष्ट द्वारा निरीक्षण किया गया। इसके अतिरिक्त आयुष्मान आरोग्य मंदिर पोंटी, नौगांव में डॉ. रेणुका वालिया एवं डॉ. अभिषेक कुमार की संयुक्त टीम ने स्वास्थ्य सेवाओं का गहन निरिक्षण किया। निरीक्षण के दौरान केंद्रों पर प्रदान की जा रही 12 सर्विस पैकेज का गहन अवलोकन किया गया। इन सर्विस पैकेज में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण, परिवार नियोजन, गैर-संचारी रोगों की जांच एवं उपचार, मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं, दंत स्वास्थ्य, नेत्र जांच, आपातकालीन प्राथमिक उपचार, ई0एन0टी0 , किशोर/बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम सहित अन्य प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं। टीम ने मरीजों से सीधे संवाद कर सेवाओं की गुणवत्ता और संतुष्टि स्तर की गहन जानकारी ली गई।

की गई यह जांच

उक्त निरीक्षण प्रक्रिया जनपद स्तर पर तैनात नेशनल असेसर मृदुला सुन्दरियाल, गुणवत्ता प्रबंधक हरिशंकर नौटियाल तथा आंतरिक निरीक्षक क्वालिटी गिरीश उनियाल की निगरानी में संपन्न हुई। निरीक्षण के दौरान दस्तावेजों का सत्यापन, दवाओं का भंडारण, उपकरणों की कार्यशीलता, जैव-चिकित्सकीय अपशिष्ट प्रबंधन, संक्रमण नियंत्रण उपायों तथा साफ-सफाई की विशेष रूप से जांच की गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भागेंद्र सिंह रावत ने बताया कि एन0क्यू0ए0एस मूल्यांकन का उद्देश्य केवल अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि स्वास्थ्य केंद्रों पर दी जा रही सेवाओं को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित एवं रोगी-केंद्रित बनाना है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के मूल्यांकन से स्वास्थ्य कर्मियों में कार्य के प्रति उत्तरदायित्व और पारदर्शिता की भावना बढ़ती है तथा आमजन को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। उन्होंने आगे बताया कि स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता है कि जनपद के सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिर राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर खरे उतरें। इसके लिए नियमित आंतरिक मूल्यांकन, प्रशिक्षण कार्यक्रम, साफ-सफाई अभियान और रिकॉर्ड प्रबंधन को सुदृढ़ किया जा रहा है। इस गुणवत्ता मूल्यांकन से स्वास्थ्य केंद्रों की कार्यप्रणाली में सुधार की  संभावनाएं और अधिक प्रबल हुई हैं। स्वास्थ्य विभाग की इस संयुक्त पहल से यह स्पष्ट संदेश जाता है कि उत्तरकाशी में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। आने वाले समय में अन्य स्वास्थ्य केंद्रों का भी इसी प्रकार चरणबद्ध तरीके से मूल्यांकन किया जाएगा, जिससे जनपद की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाई जा सकें।

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