चंपावत के विद्यालय में हुए हादसे के बाद शिक्षा विभाग अब जाग गया है । जिसके अंतर्गत विद्यालयों में जीर्ण-शीर्ण भवनों के ध्वस्तीकरण के आदेश दिए गए हैं ।
महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा / राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा उत्तराखंड ने सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर दिए निर्देश
महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा / राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा उत्तराखंड देहरादून बंशीधर तिवारी ने उत्तराखंड के सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर निर्देश दिए हैं जारी आदेशनुसार विभिन्न जनपदों में स्थित विद्यालयों में जीर्ण-शीर्ण भवनो के कारण दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न हो रही है । जबकि उक्त भवनों को ध्वस्तीकरण कराये जाने के निर्देश पूर्व में दिये जाते रहे हैं। उपरोक्त के क्रम में निम्नवत निर्देश जारी किए जा रहे है ।
निम्नवत निर्देश जारी
जीर्ण-शीर्ण भवन, जो कि निष्प्रयोज्य हो चुके हैं को चिन्हित किया जाये तथा यह सुनिश्चित कर लिया जाये कि छात्र-छात्रा किसी भी दशा में उक्त भवनों के आस-पास नहीं जाये उक्त भवन का आपदा प्रबन्धन एक्ट के तहत तत्काल ध्वस्तीकरण कर लिया जाये जिससे किसी भी प्रकार के दुर्घटना की स्थिति न रहे शौचालय आदि भवनों का भी भली-भांति निरीक्षण कर लिया जाये। यदि भवन मरम्मत के योग्य है तो जिला पंचायती राज्य अधिकारी के सम्पर्क करते इस हेतु पंचायती राज विभाग के माध्यम से आवंटित धनराशि के सापेक्ष तत्काल मरम्मत करवा ली जाये। छात्र-छात्राओं को केवल सुरक्षित भवनों में ही बिठाया जाये तथा यह सुनिश्चित कर लिया जाये कि किसी भी दशा में छात्र छात्रायें जीर्ण-शीर्ण विद्यालय भवनों में अथवा उनके नजदीक नहीं बैठे यह भी ध्यान रखा जाये कि विद्यालय भवन के पास कोई पेड़ अथवा बिजली के ट्रांसफार्मर तार तो नहीं है,जिनसे छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। राज्य परियोजना कार्यालय समग्र शिक्षा उत्तराखण्ड 562/नि0का0/ पत्राचार( 2 ) / 2022-23 दिनांक 25 जून 2022 में दिये गये दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करवाया जाये।