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विश्व साइकिल दिवस : स्वास्थ्य और पर्यावरण, दोनों के लिए लाभकारी है साइकिलिंग, खेल मंत्री ने विश्व साइकिल दिवस पर राष्ट्रव्यापी कार्यक्रमों की शुरुआत की

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लंबे अरसे से ‘साइकिल’ और ‘इंसान’ के बीच एक अटूट रिश्ता रहा है। यह भी कहा जा सकता है कि शायद ही किसी का बचपन साइकिल चलाने से वंचित रहा होगा। दरअसल, साइकिल ही वह सहारा रही है, जिसके माध्यम से लोग पहले कोसों दूर अपने स्कूल तक जल्दी पहुंचते थे, लेकिन तब साइकिल समय बचाने का साधन समझी जाती थी। आज के इस आधुनिक दौर में वही साइकिल लोगों को स्वस्थ रखने के काम आ रही है। सेना व पुलिस के बड़े-बड़े अधिकारियों से लेकर चिकित्सक और युवा साइकिलिंग को अपने स्वस्थ शरीर का राज बताते हैं।


खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने आज विश्व साइकिल दिवस पर राष्ट्रव्यापी कार्यक्रमों की शुरुआत की

युवा कार्यक्रम और खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने आज विश्व साइकिल दिवस पर नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद स्टेडियम से राष्ट्रव्यापी फिट इंडिया फ्रीडम राइडर साइकिल रैली का शुभारंभ किया।
श्री ठाकुर ने रैली के दौरान साइकिल से साढ़े सात किलोमीटर की दूरी तय की। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया और किरेन रिजिजू के साथ सात सौ पचास युवा साइकिल चालकों ने भी रैली में भाग लिया।

आज लोगों में इस कदर है साइकिल खरीदने का क्रेज

बात जब फिजिकल फिटनेस की आ जाए तो भला कौन पीछे रहना चाहता है। अपने आप को शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने के लिए लोग तमाम तरीके अपनाते हैं। इनमें से एक साइकिलिंग भी है। पहले कभी साइकिल चलाना यह दर्शाता था कि आप आर्थिक रूप से समृद्ध नहीं हैं, लेकिन अब यही साइकिलिंग धनाढ्य लोगों के शरीर को स्वस्थ रखने का साधन बनती जा रही है। जो चिकित्सक लोगों को तमाम बीमारियों का उपचार करते हुए दवाओं की निरंतरता रखने की सलाह देते हैं, वहीं स्वयं वे साइकिलिंग को बेहतर मानते हुए इसे अपनाते नजर आते हैं। खासतौर पर आज के दिनों में महंगी साइकिल चलाना युवाओं व धनी लोगों का क्रेज बनता जा रहा है।

दिल और दिमाग रहता है स्वस्थ

विशेषज्ञ बताते है कि साइकिलिंग दिल और दिमाग दोनों को स्वस्थ रखने का सर्वोत्तम साधन है। लोगों को यह पता भी नहीं होता कि उन्होंने दिमाग की कसरत कैसे कर ली। अधिकांश लोग यही जानते हैं कि साइकिल चलाने से केवल मांसपेशियों की कसरत ही होती है, लेकिन वास्तव में जाने-अनजाने में हम अपने दिमाग की भी बेहतर कसरत करते हैं। साइकिल को संतुलित रखने के लिए हमें दिमाग का बेहतर उपयोग करना होता है। हम दिमाग का जितना ज्यादा उपयोग करेंगे हमारा दिमाग उतना ही स्वस्थ रहता है और हमारे दिमाग की यूं ही कसरत हो जाती है। उन्होंने बताया कि सड़क या पक्के फर्श पर चलने से पैरों की हड्डियों को नुकसान होता है लेकिन साइकिल चलाने से केवल लाभ ही लाभ हैं।

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