04 अक्टूबर: आज मनाया जाता है ‘वर्ल्ड एनिमल डे’, आइए हम सब मिलकर पशुओं की रक्षा का लें संकल्प, इस खास थीम को करें सेलिब्रेट

आज 04 अक्टूबर 2024 है। आज विश्व पशु दिवस है। मानव और पशुओं का एक लगाव होता है। 4 अक्टूबर विश्व पशु दिवस (World Animal Day) के रूप में समर्पित किया गया है। पशुओं के अधिकारों के लिए यह एक वैश्विक पहल है जिसका मुख्य उद्देश्य पशु कल्याण के लिए बेहतर मानकों को सुनिश्चित करना है। मानव जीवन काफी हद तक पशु-पक्षियों पर निर्भर करता है। मनुष्य एवं पशुओं के बीच की इसी परस्पर निर्भरता के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए प्रत्येक वर्ष 4 अक्टूबर को विश्व पशु दिवस मनाया जाता है। एक मीडिया रिपोर्ट्स में इसके इतिहास की जानकारी दी गई है।

जानें विश्व पशु दिवस की शुरुआत कब और कैसे हुई?

विश्व पशु दिवस की शुरुआत 24 मार्च, 1925 को हुआ था। जिसके आयोजक थे जर्मन निवासी हेनरिक जिमरमैन, जो मूलतः लेखक तो थे ही साथ ही एक द्विमासिक पत्रिका मैन एंड डॉग के संपादक भी थे। इस पत्रिका से जुड़ने की मुख्य वजह पशुओं के प्रति कल्याणकारी कार्यों से जुड़ने के लिए लोगों को प्रेरित करना था। उन्होंने पशु कल्याण के सामयिक मुद्दों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए बर्लिन, जर्मनी के स्पोर्ट्स पैलेस में इसका दिव्य आयोजन भी किया, जिसमें करीब पांच हजार से ज्यादा लोग शामिल हुए थे। यह कार्यक्रम सेंट फ्रांसिस ऑफ असीसी (Francis of Assisi) के पर्व के रूप में रेखांकित किया था, जो 4 अक्टूबर का दिन था। 1931 साल में इटली के इंटरनेशनल एनिमल प्रोटेक्‍शन कॉंग्रेस ने इस दिन को वर्ल्‍ड एनिमल डे के रूप में प्रपोजल को स्‍वीकार कर लिया और 2003 के बाद यूके बेस्‍ड एनिमल वेलफेयर चैरिटी नेचर वॉच फाउंडेशन इसे हर साल धूमधाम से मनाया जाता है। इसके बाद से प्रत्येक वर्ष 4 अक्टूबर को विश्व पशु दिवस मनाया जा रहा है।

जानें विश्‍व पशु दिवस का उद्देश्‍य

इस दिन को मनाने का खास उद्देश्य है लोगों में यह जागरुकता फैलाना कि नेचर के इकोलॉजी बैलेंस को बनाए रखने के लिए जानवरों का संरक्षण कितना आवश्‍यक है। इसके तहत आयोजित कार्यक्रमों में जानवरों के लिए फंड इकट्ठा करना, अवेयरनेस फैलाना और जानवरों को बेहतर जीवन देने का प्रयास करना है।

जानें थीम

विश्व पशु दिवस 2024 की थीम- विश्व उनका भी घर है निर्धारित की गई हैं। इस थीम का उद्देश्य निष्पक्षता और समानता का साथ देने के लिए पशु चिकित्सकों, पशु चिकित्सा संघों और अन्य लोगों के प्रयासों को और बेहतर बनाना है।