05 मई: बगलामुखी जयंती आज, युद्ध में विजय, नकारात्मक शक्तियों को पराजित करती है मां बगलामुखी, यह रहेगा पूजा का शुभ मुहूर्त

आज 05 मई 2025 है। आज बगलामुखी जयंती है। वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को बगलामुखी जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस दिन मां बगलामुखी की पूजा का विशेष महत्व है।

यह रहेगा शुभ मुहूर्त

वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि 4 मई 2025, रविवार के दिन सुबह 7 बजकर 18 मिनट पर शुरू होगी और 5 मई 2025, सोमवार के दिन सुबह 7 बजकर 35 मिनट पर समाप्त होगी। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, बगलामुखी जयंती 5 मई को मनाई जाएगी।
👉🏻👉🏻आज सुबह 11 बजकर 51 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक अभिजीत मुहूर्त का निर्माण हो रहा है। ऐसे में इस दौरान आप दान-पुन्य आदि कर सकते हैं।
👉🏻👉🏻मां बगलामुखी की पूजा के लिए प्रदोष काल का समय चुन सकते हैं जो शाम 7 बजकर 2 मिनट से रात 9 बजकर 13 मिनट तक रहेगा।
👉🏻👉🏻ब्रह्म मुहूर्त में भी पूजा की कर सकते है जो सुबह 4 बजकर 8 मिनट से सुबह 4 बजकर 51 मिनट तक रहेगा।

युद्ध से पहले पांडवों से मां बगलामुखी की साधना

बगलामुखी जयंती देवी बगलामुखी के प्राकट्य दिवस के रूप में मनाई जाती है, जो दस महाविद्याओं में से आठवीं महाविद्या हैं। मां बगलामुखी को शक्ति और विजय की देवी माना जाता है। उनका स्वरूप शत्रुओं का नाश करने वाला और नकारात्मक शक्तियों को पराजित करने वाला है। मां बगलामुखी की पूजा मुख्यतः युद्ध में विजय, शत्रुओं को परास्त करने और कोर्ट-कचहरी के मामलों में जीत के लिए की जाती है। मान्यता है कि भगवान कृष्ण ने भी महाभारत के युद्ध से पहले पांडवों से मां बगलामुखी की साधना करवाई थी।