आज 14 सितंबर 2025 है। आज महालक्ष्मी व्रत को समापन हो रहा हैं। इस बार महालक्ष्मी व्रत 15 दिनों का रहा। 31 अगस्त को शुरू हुआ महालक्ष्मी व्रत 14 सितंबर रविवार को खत्म होगा। धर्म ग्रंथों के अनुसार, श्राद्ध पक्ष की अष्टमी तिथि बहुत खास होती है क्योंकि इस दिन 15 दिनों तक चलने वाले महालक्ष्मी व्रत का समापन होता है। इस व्रत में हाथी पर बैठी देवी महालक्ष्मी की पूजा का विधान है, इसलिए इस व्रत को हाथी अष्टमी या हाथी पूजन भी कहते हैं।
जानें शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 14 सितंबर, रविवार की सुबह 05 बजकर 04 मिनिट से शुरू होगी जो रात 03 बजकर 06 मिनिट तक रहेगी। चूंकि अष्टमी तिथि का सूर्योदय 14 सितंबर को होगा और पूरे दिन भी यही तिथि रहेगी, इसलिए महालक्ष्मी व्रत भी इसी दिन किया जाएगा।
सुबह 09:19 से 10:51 तक
दोपहर 11:58 से 12:46 तक (अभिजीत मुहूर्त)
दोपहर 01:53 से 03:25 तक
शाम 06:27 से 07:56 तक
धन लाभ में वृद्धि
मान्यता है कि कि जो भी साधक सच्चे मन से महालक्ष्मी व्रत रखता है उसे जीवन में कभी भी धन की कमी नहीं होती है। साथ ही महालक्ष्मी व्रत रखने से ना केवल धन-दौलत, वैभव मिलता है। बल्कि भाग्य प्रबल होता है। जातक का सौंदर्य और शक्ति बढ़ती है। विवाहित जातकों का दांपत्य जीवन सुखी होता है।