आज 15 अगस्त 2025 है। आज आद्याकाली जयन्ती है। आद्या काली जयंती एक हिंदू त्योहार है जो देवी काली के एक विशेष रूप, आद्या काली को समर्पित है। यह पर्व माता काली के अवतरण या जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है, जो शक्ति, साहस और बुराई के नाश की प्रतीक मानी जाती हैं।
आद्याकाली जयन्ती
काली जयंती हर साल श्रावण मास की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाई जाती है। हालांकि, कुछ पंचांगों के अनुसार भाद्रपद मास में भी यह मनाई जाती है। इस साल काली जयंती 15 अगस्त, शुक्रवार को मनाई जाएगी। माता काली हिंदू धर्म में दस महाविद्याओं में प्रथम महाविद्या के रूप में पूजी जाती हैं। वे समय, मृत्यु और अंधकार की प्रतीक हैं, जो बुराई और नकारात्मकता का नाश करती हैं।
जानें शुभ मुहूर्त
अष्टमी तिथि प्रारंभ: 15 अगस्त, रात 11:49 बजे से
अष्टमी तिथि समाप्त: 16 अगस्त, रात 09:34 बजे तक रहेगा।
निशिता काल पूजा समय: 15 अगस्त रात्रि 11:40 PM से 16 अगस्त रात्रि 12:24 AM तक रहेगा।
कुल अवधि – 00 घण्टे 44 मिनट्स तक रहेगा।
जानें पौराणिक मान्यता
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, माता काली का अवतरण मां दुर्गा के क्रोध से हुआ था, जब उन्होंने राक्षसों का संहार करने के लिए यह उग्र रूप धारण किया। देवी भागवत पुराण और ब्रह्मनील तंत्र में माता काली के दो रूपों का वर्णन मिलता है- काले रंग की दक्षिणा काली और लाल रंग की सुंदरी काली। काले रंग के कारण ही उन्हें काली” नाम से जाना जाता है।