आज 20 जुलाई 2025 है। आज अंतरराष्ट्रीय शतरंज दिवस मनाया जाता है। हर साल 20 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस मनाया जाता है।
शतरंज का महत्व
यह दिन शतरंज प्लेयर्स और समाज पर उनके सकारात्मक प्रभाव के बारे में जागरूकता का प्रचार करता है। शतरंज दुनिया के सबसे पुराने और सबसे लोकप्रिय बोर्ड खेलों में से एक है, जिसका इतिहास हज़ार साल से भी ज़्यादा पुराना है। इसकी उत्पत्ति प्राचीन भारत में हुई थी, जहाँ इसे चतुरंग के नाम से जाना जाता था। यह खेल 8×8 के बोर्ड पर खेला जाता था और इसमें चार अलग-अलग प्रकार की सैन्य इकाइयाँ शामिल होती थीं: पैदल सेना, घुड़सवार सेना, हाथी और रथ। चतुरंग सिर्फ़ मनोरंजन का साधन ही नहीं था, बल्कि सैन्य रणनीति के प्रशिक्षण का भी साधन था।
शतरंज की शुरुआत
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 1836 में प्राग में जन्मे विलियम स्टाइनिट्ज़ को आधुनिक शतरंज का जनक माना जाता है। उन्होंने शतरंज को तेज़ आक्रमण पर केंद्रित एक रोमांटिक खेल से, स्थितिगत रणनीति के एक वैज्ञानिक खेल में बदल दिया। वहीं विश्वनाथन आनंद को भारत में शतरंज का जनक माना जाता है। वे विश्व शतरंज चैंपियनशिप जीतने वाले पहले भारतीय हैं और उन्होंने यह खिताब पाँच बार अपने नाम किया है, जिससे वे इतिहास में सबसे लंबे समय तक विश्व चैंपियन बने रहने वाले खिलाड़ी बन गए हैं।
जानें इसके बारे में
अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस 1966 से मनाया जा रहा है। 12 दिसंबर 2019 को, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 1924 में पेरिस में अंतर्राष्ट्रीय शतरंज महासंघ (FIDE) की स्थापना की तारीख को चिह्नित करने के लिए 20 जुलाई को विश्व शतरंज दिवस के रूप में घोषित किया।