आज 26 जुलाई 2025 है। आज प्रसिद्ध कवयित्री और लेखिका विद्यावती ‘कोकिल’ की जयंती है। विद्यावती को भारत का प्रसिद्ध काव्यत्रियों का स्थान प्राप्त है। उनकी अभिलाषाकारिता का प्रथम काव्य-संकलन प्रणय, प्रगति एवं जीवनानुभूति के हृदयग्राही सारस्वत के संग्रह-रूप में प्रकाशित हुआ था।
जानें इसके बारे में
विद्यावती ‘कोकिल’ का जन्म 26 जुलाई 1914 को दरभंगा (उत्तर प्रदेश) के हसनपुर में हुआ था। विद्यावती ‘कोकिल’ की जयंती 26 जुलाई को मनाई जाती है। विद्यावती ‘कोकिल’ एक प्रसिद्ध गीतकार और कवयित्री थीं, जिन्हें उनकी मधुर काव्य शैली के लिए जाना जाता था। उनकी रचनाएँ आकाशवाणी और अन्य काव्य मंचों पर प्रसारित होती थीं। उन्हें ‘कोकिल’ उपनाम उनकी मधुर काव्य शैली के कारण मिला था। विद्यावती ‘कोकिल’ की प्रमुख रचनाओं में ‘प्रणय’, ‘प्रगति’, ‘जीवनानुभूति’, ‘अंकुरित’, ‘मां’, ‘सुहागिन’, ‘सुहाग गीत’, ‘पुनर्मिलन’, ‘सप्तक’, ‘अमर ज्योति’, ‘फ्रेम बिना तस्वीर’, ‘ऋतायन’ और ‘आरती’ शामिल हैं। उनका निधन 10 जुलाई, 1990 को हुआ था।