अल्मोड़ा: ग्रेविटी पेयजल योजनाओं को जल जीवन मिशन में सम्मिलित कर पुर्नगठन किया जाय-बिट्टू कर्नाटक

उत्तराखण्ड कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं पूर्व दर्जामंत्री बिट्टू कर्नाटक ने आज जिलाधिकारी अल्मोड़ा के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड को एक ज्ञापन प्रेषित कर उनके संज्ञान में लाया गया कि ऐतिहासिक सांस्कृतिक नगरी अल्मोड़ा में वर्ष 1920 से सर्वप्रथम 1930 के दशक में स्याहीदेवी-कंकरकोटी सर्किट हाउस, शैल- धारकीतूनी- जाखनदेवी, पाण्डेखोला, बिनसर-कसारदेवी-पपरशैली, बल्ढोटी- एडम्स, डोल -लोधिया- बर्शिमी ग्रेविटी (स्त्रोती) पेयजल योजनाओं का निर्माण किया गया था। उक्त सभी स्त्रोती पेयजल योजनाओं से अल्मोड़ा शहर को पेयजल आपूर्ति करायी जाती थी । जिनका संचालन एवं रख-रखाव उत्तराखण्ड जल संस्थान अल्मोड़ा के द्वारा किया जाता है । वर्तमान में अल्मोड़ा शहर में लगभग एक लाख से अधिक आबादी रहती है ।

शहर को भारी पेयजल संकट से गुजरना पड़ रहा

          उन्होंने कहा कि अल्मोड़ा शहर को कोसी-मटेला पम्पिंग योजना से पेयजल की  आपूर्ति करायी जा रही है परन्तु उक्त पम्पिंग पेयजल योेजना में वर्षा ऋतु के दौरान कोसी नदी में अत्यधिक सिल्ट आने के कारण पेयजल आपूर्ति अधिकांश बाधित रहती है तथा ग्रीष्म ऋतु में कोसी नदी का जल स्तर अत्यधिक कम हो जाता है जिस कारण भी पेयजल योजना प्रभावित होती है । चूंकि पम्पिंग योजना का संचालन पूर्ण रूप से विद्युत पर निर्भर करता है ,पूरे साल में विद्युत विभाग के शटडाउन,बिजली कटौती,लाईन के ठीक करने के कारण बाधित होने की दशा में उक्त पम्पिंग पूर्ण रूप से बन्द हो जाती है जिस कारण शहर को भारी पेयजल संकट से गुजरना पड़ रहा है और पेयजल के लिये अन्य स्त्रोती नौले आदि पर भटकना पड़ता है ।
              
सरकार के द्वारा संचालित योजनायें ग्रामीण व शहरी होने के कारण इनका योजनाओं का पुर्नगठन आज तक नहीं हो पाया

बिट्टू कर्नाटक ने बताया कि  सभी स्त्रोती आधारित पेयजल योजनायें लगभग 100 वर्ष पुरानी होने के कारण पूर्ण रूप से जर-जर अवस्था में हैं जिनका पुर्नगठन आज तक न होने के कारण इन योजनाओं का जीर्णोद्वार होना नितान्त आवश्यक है । उनके द्वारा  मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया गया कि उक्त सभी पेयजल योजनाओं का स्त्रोतों व अधिकांश पाईप लाईन का भूभाग ग्रामीण क्षेत्र से गुजरता है और पेयजल की आपूर्ति अल्मोडा नगर में की जाती है परन्तु सरकार के द्वारा संचालित योजनायें ग्रामीण व शहरी होने के कारण इनका योजनाओं का पुर्नगठन आज तक नहीं हो पाया है । चूंकि भारत सरकार /उत्तराखण्ड सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना (हर घर नल) वर्तमान में संचालित है ।

मुख्यमंत्री से की ये मांग

     उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि अल्मोड़ा नगर को पेयजल आपूर्ति करने हेतु उक्त सभी स्त्रोती पेयजल योजनाओं का पुर्नगठन जल जीवन मिशन(हर घर नल योजना)  के अन्तर्गत अतिशीघ्र करवाया जाय ताकि अल्मोड़ा शहर के सम्मानित नागरिकों को वर्षभर पेयजल की किल्लत का सामना न करना पड़े, साथ ही प्राकृतिक जल  स्त्रोतों को भी संरक्षित किया जा सकेगा ।