चमोली जिले से जुड़ी खबर सामने आई है। यहां डॉक्टरों से शराब पीकर गाली- गलौच और मारपीट करने पर डॉक्टरों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
जानें पूरा मामला
चमोली के डॉक्टरों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को अवगत कराया है कि वह डॉ. नेहा शर्मा एवं डॉ. नीरज विश्कर्मा पी.एच. मा० पीपलकोटी, चमोली में कार्यरत है। बीते रात 9:20 बजे मरीज द्वारा इमेरजेन्सी फोन कर कहा गया कि उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही है। उसने डॉक्टरों से तुरन्त आने की विनती की। डॉक्टरों ने बताया कि वह दोनों तुरन्त मरीज को देखने निकल पड़े। प्राथमिक जांच में मरीज के वाइटल नॉर्मल पाये गए। मरीज एवं मरीज के दो तीमारदारों के पास से शराब की गंध आयी। मरीज को प्राथमिक उपचार (इन्जेक्शन) आदि देकर प्रातः आकर खून जांच के लिये भी बोला गया। मरीज के तीमारदार 5 मिनट बाद (ओ.पी. डी. कक्ष में) दोबारा इन्जेक्शन लगाने की जिद्द करने लगे। समझाने पर तीमारदार गाली गलौच पर उतर आए एवं अस्पताल में तोड़ फोड़ करने की धमकी देने लगे। जिनमें से एक तीमारदार ने बोला कैमरा निकाल इनको पीट, मैं वीडियो बनाता हूँ”। ये सरकारी डॉक्टर अपशब्द का प्रयोग के साथ) क्या कर लेंगे, इनको इनकी जगत बताते हैं।
स्थानीय पुलिस ने संभाली स्थिति
स्थिति को भांपते हुए हम दोनों डॉक्टर तुरन्त ओ.पी. डी. कक्ष में ताला लगाकर अन्दर लॉक हो गये। और हमने तुरन्त स्थानीय पुलिस से मदद मांगी। पुलिस ने आकर स्थिति संभाली एवं हमें कक्ष से बाहर निकाला। इतने समय हम दहशत में ओ०पी०डी० में लॉक रहे। मरीज द्वारा अस्पताल जलाने, डॉक्टर को मारने जैसी बाते सुनते रहे। हम यात्रा रूट पर स्थित अस्पताल में होने के कारण दिन रात 24 घण्टे ड्यूटी करते हैं। एवं वक्त बेवक्त अस्पताल भी जाते हैं।
आरोपियों के खिलाफ कर्रवाई की मांग
किन्तु ऐसी घटना होने पर हमारी सुरक्षा के बिना हम किस प्रकार अपनी ड्यूटि कर पाय? डॉक्टरों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी से इस विषय में तुरन्त कार्यवाही की मांग की है। क्योंकि पूर्व में भी अस्पताल में इस प्रकार की घटना हो चुकी है।