अल्मोड़ा जिले से जुड़ी खबर सामने आई है। अल्मोड़ा जिले में आठ साल के भीतर 825 जानवर तेंदुए का शिकार हो चुके हैं। इसकी कीमत वन विभाग को चुकानी पड़ी।
8 वर्षों में 800 पशुपालकों को 1.50 करोड़ रुपये का बांटा मुआवजा
वन विभाग के अनुसार वर्ष 2015 से इस वर्ष मई तक जंगली जानवरों खासकर तेंदुए के हमले में 825 जानवरों की मौत हुई है। तेंदुए ने जंगलों के अलावा गौशाला में घुसकर पालतू जानवरों को अपना निवाला बनाया। ऐसे में वन विभाग को प्रभावित पशुपालकों को पशु हानि का अच्छा-खासा मुआवजा देना पड़ा है। विभाग ने इन आठ वर्षों में 800 पशुपालकों को 1.50 करोड़ रुपये का मुआवजा बांटा है। वहीं मुआवजा मिलने से पशुपालकों को भी नुकसान की भरपाई हुई और उनके चेहरे पर खुशी है।
जंगलों में बढ़ते अतिक्रमण से बढ़ रही गांव में गतिविधि
वन विभाग का मानना है कि मानव की ओर से जंगलों में लगातार अतिक्रमण का नतीजा है कि तेंदुए शिकार की तलाश में गांव की तरफ रुख कर रहे हैं। तेंदुए गांव में गौशाला में घुसकर बकरी, गाय, बैल आदि जानवरों को अपना शिकार बना रहे हैं। वहीं कई लोगों पर भी तेंदुए हमला कर चुके हैं।
2023 तक सभी पशुहानि मामलों में पशुपालकों को भुगतान कर दिया है -डीएफओ
दीपक सिंह, डीएफओ, अल्मोड़ा ने बताया कि वन विभाग ने मई 2023 तक सभी पशुहानि मामलों में भुगतान पशुपालकों को कर दिया है। इसके बाद के मामलों में भी भुगतान की कार्रवाई चल रही है।