B.Ed के लाखों छात्रों को झटका, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, बीएड स्नातक प्राथमिक स्कूल के शिक्षक बनने के लिए पात्र नहीं

देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। कुछ दिनों पहले सुप्रीम कोर्ट ने बीएड से संबंधित एक मामले में बड़ा फैसला सुनाया है।

सुप्रीम कोर्ट का फैसला

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अब प्राथमिक ग्रेड यानि कि कक्षा 5वीं तक बीएड वाले टीचर नहीं बन पाएंगे। अब 5वीं तक पढ़ाने के लिए सिर्फ डीएलएड स्टूडेंट्स को ही मौका दिया जाएगा। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है। सुप्रीम कोर्ट कोर्ट ने राजस्थान सरकार के पक्ष में फैसला सुनाते हुए निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा है कि केवल डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजुकेशन (D.EI.Ed) प्रमाणपत्र धारक ही प्राथमिक ग्रेड शिक्षक बनने के पात्र होंगे।

इस अधिसूचना को किया रद्द

रिपोर्ट्स के मुताबिक 11 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने प्राथमिक शिक्षक के पद पर बीएड पात्रता धारी को योग्‍य ठहराने वाली 28 जून 2018 की अधिसूचना को रद्द कर दिया है इस अधिसूचना के रद्द करने के बाद बीएड पात्रताधारी अभ्‍यार्थी प्राथमिक शिक्षक के पद पर नियुक्ति के लिये अपात्र घोषित हो गए हैं।

2018 से जुड़ा है मुद्दा

रिपोर्ट्स के मुताबिक यह मुद्दा 2018 से जुड़ा है जब राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने एक अधिसूचना जारी कर सुझाव दिया था कि बीएड स्नातक अन्य माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक शिक्षा के अलावा प्राथमिक विद्यालय शिक्षण (कक्षा 1-5) के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे। जो पहले से ही उनके मापदंडों के अंतर्गत आता था। इस अधिसूचना के बावजूद, जब राजस्थान सरकार ने राजस्थान शिक्षक पात्रता परीक्षा (आरटीईटी) के लिए एक विज्ञापन जारी किया, तो उसने पात्र उम्मीदवारों की सूची से बी.एड स्नातकों को बाहर कर दिया। हालाँकि, इससे B.Ed स्नातकों की ओर से विद्रोह हुआ और अंततः इस निर्णय को राजस्थान उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई। राजस्थान उच्च न्यायालय ने 2018 में बीएड स्नातकों को प्राथमिक शिक्षा शिक्षण पदों के लिए आवेदन करने के लिए अयोग्य बनाने वाली एनसीटीई अधिसूचना को रद्द कर दिया था। यह मामला आगे चलकर सुप्रीम कोर्ट तक गया। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया।