कतर में 08 भारतीयों को मौत की सजा मामले में भारत ने अपील फाइल की, जानें क्या है मामला

देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। कतर में हाल में भारतीय नौसेना के आठ पूर्व कर्मियों को मौत की सजा सुनाए जाने के मामले में भारत की लीगल टीम ने एक अपील फाइल की है।

अपील फाइल की

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल में भारतीय एंबेसी को पूर्व नौसैन्य कर्मियों से मिलने के लिए एक कांसुलर पहुंच भी दी गई थी। यह जानकारी ने भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने गुरुवार (9 नवंबर) को दी। साथ ही कहा, ”उनकी अपील फाइल हो गई है। हम भी कतर अथॉरिटीज के साथ इस मामले में संपर्क बनाए हुए हैं।”

कुछ दिनों पहले कतर ने आठ भारतीयों को सुनाई थी मौत की सजा

एक मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले साल कतर में 8 पूर्व भारतीय नेवी अधिकारियों को गिरफ्तार किया गया था। जिसके बाद पिछ्ले महीने 26 अक्टूबर में कतर की एक अदालत ने उन्हें मौत की सजा सुनाई थी। जिनमें कैप्टन बीरेंद्र कुमार वर्मा, कैप्टन सौरभ वशिष्ठ, कैप्टन नवतेज सिंह गिल, कमांडर पूर्णेंदु तिवारी, कमांडर अमित नागपाल, कमांडर संजीव गुप्ता, कमांडर सुगुनाकर पकाला और सेलर रागेश शामिल हैं। जिस पर अदालत के इस फैसले पर भारत सरकार ने हैरानी जताई थी।

इस फर्म में कर रहें थे‌ काम

रिपोर्ट्स के मुताबिक दरअसल भारतीय नौसेना के ये सभी आठ पूर्व ऑफिसर पिछले साल अगस्त से ही कतर के जेल में बंद हैं। लेकिन कतर ने अभी तक इन सभी पू्र्व आधिकारियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों की जानकारी नहीं दी है। हालांकि, मामले से परिचित लोगों का कहना है कि इन सभी पर जासूसी करने का आरोप लगाया गया है। यह सभी एक डिफेंस सर्विस प्रोवाइडर ऑर्गनाइजेशन- दहरा ग्लोबल टेक्नोलॉजीज एंड कंसल्टेंसी सर्विसेज के लिए काम कर रहे थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस निजी फर्म का स्वामित्व रॉयल ओमानी एयर फोर्स के एक रिटायर्ड सदस्य के पास है। ‌‌जिसमें इस निजी फर्म के मालिक को भी गिरफ्तार किया गया था लेकिन उसे पिछले साल नवंबर में रिहा कर दिया गया था। यह प्राइवेट फर्म कतर के सशस्त्र बलों को प्रशिक्षण और संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराती थी।