देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार को चालू वित्त वर्ष की पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा पेश की है। उन्होंने नए वित्त वर्ष में RBI की पहली मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी मीटिंग के फैसलों की जानकारी दी। यह मीटिंग 7 अप्रैल को शुरू हुई थी।
दी यह जानकारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जिसमें भारतीय रिजर्व बैंक ने भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) को ‘ग्राहकों से दुकानदारों’ को यूपीआई (यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस) के माध्यम से लेनदेन की सीमा में संशोधन की अनुमति देने का निर्णय किया है। हालांकि, एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति के बीच यूपीआई के जरिये लेनदेन की सीमा पहले की तरह एक लाख ही रहेगी।रिपोर्ट्स के मुताबिक भारतीय अर्थव्यवस्था की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। बताया कि इससे उच्च मूल्य के लेनदेन को डिजिटल रूप से आसान बनाया जा सकेगा।
की यह घोषणा
📌📌25 बेसिस पॉइंट की कटौती की घोषणा की, जिससे रेपो रेट 6.25% से घटकर 6% हुआ। इससे आने वाले दिनों में लोन सस्ते हो सकते हैं। वहीं आपकी ईएमआई भी घटेगी।
📌📌कमेटी ने अपना रुख न्यूट्रल से बदलकर अकोमोडेटिव करने का फैसला।
📌📌ट्रेड फ्रिक्शन के कारण ग्लोबल ग्रोथ पर असर पड़ने से डोमेस्टिक ग्रोथ भी बाधित होगी।
📌📌हायर टैरिफ का एक्सपोर्ट पर प्रभाव पड़ेगा।
📌📌मैन्युफैक्चरिंग एक्टिविटी में सुधार के संकेत हैं।
📌📌क्रूड की कीमतों में गिरावट से महंगाई को कंट्रोल में रखने में मदद मिलेगी।
📌📌कंज्यूमर से मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन की लिमिट पर फैसला करने का अधिकार NPCI को देंगे।
📌📌गोल्ड लोन को लेकर नए गाइडलाइंस जारी होगी।