उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने वाले हैं। जिसको लेकर तैयारियां चल रही है।
सेवानिवृत्त आईजी पुलिस विमला गुंज्याल
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले की व्यास घाटी में बसे भारत-चीन सीमा के नजदीक गांव गूंजी ने एक इतिहास रचा है. देश के ‘वाइब्रेंट विलेज’ कार्यक्रम में शामिल किसी गांव की पहली निर्विरोध ग्राम प्रधान के रूप में पूर्व आईपीएस अधिकारी विमला गुंज्याल चुनी गई है। धारचूला (पिथौरागढ़) के वाइब्रेंट विलेज गुंजी से निर्विरोध ग्राम प्रधान बनाए जाने की चर्चा के बीच सेवानिवृत्त आईजी पुलिस विमला गुंज्याल धारचूला पहुंची है। सेवानिवृत आईजी पुलिस विमला गुंज्याल के ग्रामीणों ने निर्विरोध ग्राम प्रधान बनाने की इच्छा जताई है। दरअसल शनिवार को नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिन था। ग्राम गूंजी में पहले पांच अन्य ग्रामीण भी प्रधान पद के लिए नामांकन पत्र खरीद चुके थे। लेकिन जैसे ही गुरुवार को विमला गुंज्याल धारचूला पहुंचीं। जिसके बाद गूंजी मिलन केंद्र में एक बड़ी बैठक हुई। यहां ग्रामीणों ने आपसी सहमति से तय किया कि कोई भी उनके खिलाफ नामांकन दाखिल नहीं करेगा।
लोगों में दिखा उत्साह
रिपोर्ट्स के मुताबिक मूल रूप से पिथौरागढ़ जिले के धारचूला के गुंजी गांव निवासी विमला गुंज्याल ने उत्तराखंड कैडर में आईपीएस अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दी हैं। गुंज्याल 2025 में आईजी विजिलेंस के पद से सेवानिवृत्त हुईं।2019 में उन्हें राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी सम्मानित किया गया है। इसके साथ ही प्रधान के लिए महिला रिटायर्ड पुलिस अधिकारी का चुनाव लड़ना समाज सेवा के लिए आगे आकर एक नई मिसाल पेश करेगा।