आज 08 अगस्त 2025 है। आज सावन पूर्णिमा व्रत है। पूर्णिमा का चांद आज शाम 06:42 बजे उदित होगा। ऐसे में सावन पूर्णिमा व्रत आज है। पूर्णिमा व्रत भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी को समर्पित है। इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की पूजा अर्चना की जाती है। ऐसी मान्यता है कि इस व्रत को करने से व्यक्ति को बैकुंठ में स्थान मिलता है साथ ही व्यक्ति की सारी मनोकामनाएं पूरी होती है।
जानें शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग की गणना के अनुसार, 8 अगस्त को पूर्णिमा तिथि का आरंभ दोपहर में 2 बजकर 13 मिनट पर होगा और 9 अगस्त को पूर्णिमा तिथि दोपहर में 1 बजकर 25 मिनट तक रहेगी। शास्त्रीय विधान के अनुसार, पूर्णिमा तिथि का व्रत उस दिन रखा जाता है जिस दिन शाम के समय पूर्णिमा तिथि लगी हो। ऐसे में पूर्णिमा का व्रत 8 अगस्त शुक्रवार को रखा जाएगा। वहीं रक्षाबंधन का पर्व पूर्णिमा तिथि उदय काल में होने पर मनाया जाता है। इसलिए रक्षाबंधन 9 अगस्त और पूर्णिमा व्रत 8 अगस्त को रखा जाएगा।
जानें पूजन विधि
सुबह स्नान से पहले व्रत करने का संकल्प लिया जाता है। पवित्र नदी में नहाने के बाद भगवान को अर्घ्य दें । सबसे पहले सूर्य देव को अर्घ्य दिया जाता है। इस दिन विष्णु भगवान के साथ माता लक्ष्मी की पूजा- अर्चना भी करें। भगवान विष्णु के भोग में तुलसी को भी शामिल करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तुलसी के बिना भगवान विष्णु भोग स्वीकार नहीं करते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि भगवान को सिर्फ सात्विक चीजों का भोग लगाया जाता है । भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आरती करें। इस पावन दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का अधिक से अधिक ध्यान करें। पूर्णिमा पर चंद्रमा की पूजा का भी विशेष महत्व होता है। चंद्रोदय होने के बाद चंद्रमा की पूजा अवश्य करें। चंद्रमा को अर्घ्य देने से दोषों से मुक्ति मिलती है। इस दिन आप ब्राह्मण या किसी जरूरतमंद को भोजन कराएं । इस दिन कंबल, गुड़, तिल जैसी चीजों का दान करना शुभ माना जाता है। सावन मास की अंतिम पूर्णिमा तिथि के दिन भगवान विष्णु के साथ साथ भगवान शिव की पूजा अर्चना करने से विशेष फल की प्राप्ति होगी।