आज 20 अगस्त 2025 है। आज बछ बारस है। आज के दिन गौमाता की बछड़े सहित पूजा की जाती है। इसे गोवत्स द्वादशी भी कहा जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पुत्रों की लंबी उम्र और खुशहाली के लिए व्रत रखती हैं और गाय तथा बछड़े की पूजा करती हैं। साथ ही माताएं अपने पुत्रों को तिलक लगाकर तलाई फोड़ने के बाद लड्डू का प्रसाद देती है।
जानें शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि 19 अगस्त मंगलवार की दोपहर 03:32 मिनट से शुरू होगी। जो 20 अगस्त बुधवार की दोपहर 01:58 मिनट तक रहेगी। यानी द्वादशी तिथि का सूर्योदय 20 अगस्त को होगा, इसलिए इसी दिन ये व्रत किया जाएगा।
की जाती है पूजा
बछ बारस के दिन गाय और बछड़े की पूजा की जाती है, क्योंकि गाय को हिंदू धर्म में पवित्र माना जाता है और बछड़े को पुत्र के समान माना जाता है। महिलाओं द्वारा सुबह गौमाता की विधिवत पूजा अर्चना करने के बाद घरों या सामूहिक रूप से बनी मिट्टी व गोबर से बनी तलैया को अच्छी तरह सजाकर उसमें कच्चा दूध और पानी भरकर उसकी कुमकुम, मौली, धूप दीप प्रज्वलित कर पूजा करते हैं और बछबारस की कहानी सुनी जाती है। यह त्योहार राजस्थान और अन्य क्षेत्रों में कृषि और देहाती परंपराओं से भी जुड़ा हुआ है।