अल्मोड़ा से जुड़ी खबर सामने आई है। अल्मोड़ा जिले की तड़ागताल बरसाती झील एरिया को आर्द्र भूमि घोषित किए जाने पर लोगों ने आक्रोश जताया है।
लोगों में नाराजगी
जिस पर ग्रामीणों ने नाराजगी जताई है। जानकारी के अनुसार उत्तराखंड आर्द्र भूमि प्राधिकरण की ओर से तड़ागताल बरसाती झील एरिया को आर्द्र भूमि घोषित किया गया है। जिस पर ग्रामीणों ने बरसाती झील को स्थायी झील बनाकर पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने की पुरजोर मांग उठाई है। इसी संबंध में बुधवार को तड़ागताल सुधार समिति के आह्वान पर जाबर नंदा देवी मंदिर परिसर में बैठक हुई। जिस पर आंदोलन को लेकर भी रणनीति बनी।
की यह मांग
दरअसल तड़ागताल बरसाती झील को स्थायी झील के रूप में विकसित कर पर्यटन स्थल बनाने को लेकर लंबे समय से कवायद चल रही है। झील निर्माण के सर्वेक्षण, अनुसंधान व डीपीआर के लिए शासन से वर्ष 2019 में शासन से एक करोड़ 37 लाख की धनराशि स्वीकृत है।
दो चरणों के सर्वे के उपरांत एक और भू-गर्भीय सर्वे भी हो चुकी है, लेकिन अब इसे आर्द्र भूमि की परिधि में शामिल कर देने से लोगों में नाराजगी है।