उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड के पंतनगर के गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पंतनगर को एक खास सफलता मिली है। उत्तराखंड की अमूल्य धरोहर मानी जाने वाली पहाड़ी बदरी गाय के संरक्षण, संवर्धन और नस्ल सुधार की दिशा में पंतनगर विश्वविद्यालय ने ऐतिहासिक पहल की शुरुआत की है।
चंपावत और पिथौरागढ़ जिले से उत्कृष्ट बदरी गायों से लिए गए थे सेंपल
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां पंतनगर को बदरी गाय का नया क्लोन तैयार करने में सफलता मिली है। जिसके लिए भ्रूण तैयार कर लिया गया है। जिसमें विज्ञानियों ने क्लोन व भ्रूण तैयार करने के पांच महत्वपूर्ण चरण पूरे कर लिए हैं। अब अंतिम चरण यानी भ्रूण का बदरी गाय में स्थानांतरण अक्टूबर तक किया जाना है। इसके सफल होने पर बदरी गाय के नस्ल संरक्षण एवं उच्च गुणवत्ता वाले दूध उत्पादन की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल होगी। कुलपति डा. मनमोहन सिहं चौहान के निर्देशन में विश्वविद्यालय में ही राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान (एनडीआरआइ) करनाल (हरियाणा) के सहयोग से एक महत्वा कांक्षी क्लोनिंग परियोजना पर कार्य चल रहा है।