आज हम आपको अहोई अष्टमी की जानकारी देंगे। हर साल कार्तिक मास की अष्टमी तिथि को महिलाएं संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए अहोई अष्टमी का व्रत रखती हैं। यह व्रत करवा चौथ की तरह ही पूरे दिन निर्जला यानी बिना पानी पिए किया जाता है। महिलाएं दिनभर उपवास रखती हैं और शाम को तारों को अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं।
जानें शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस बार अहोई अष्टमी का पर्व 13 अक्टूबर को मनाया जाएगा।
कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत- 13 अक्टूबर को रात 12 बजकर 24 मिनट पर
कार्तिक माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को है।
समापन- 14 अक्टूबर को रात 11 बजकर 9 मिनट पर रहेगा।
पूजा करने का शुभ मुहूर्त- शाम 5 बजकर 53 मिनट से शाम 7 बजकर 8 मिनट तक रहेगा।
तारों को देखने का समय- शाम 6 बजकर 17 मिनट तक रहेगा।