उत्तराखंड: इन नियमित पदों पर नियमित चयन प्रक्रिया के माध्यम से ही होगा कार्मिकों का नियोजन, देखें आदेश

उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड में विभागीय पदीय संरचना में नियमित पदों पर नियमित चयन प्रक्रिया के माध्यम से ही कार्मिकों का नियोजन किये जाने के संबंध में आदेश जारी किया गया है।

आदेश में कही यह बात

जिसमें बताया है कि कार्मिक एवं सतर्कता अनुभाग-2 के शासनादेश संख्या-292260 /XXX(2)2025/ई-82384, दिनांक: 25.04.2025 का संदर्भ ग्रहण करने का कष्ट करें, जिसके माध्यम से विभागीय पदीय संरचना में नियमित पदों पर कार्मिकों का नियोजन नियमित चयन प्रक्रिया के माध्यम से ही सुनिश्चित किया जाने संबंधी दिशा-निर्देश निर्गत किये गये हैं। पुनः उक्त संदर्भित शासनादेश दिनांकः 25.04. 2025 के प्रावधानों के अनुपालन में उत्पन्न होने वाली कठिनाईयों के निराकरण हेतु शासनादेश संख्या-325097/XXX (2)2025/ई-82384, दिनांक: 26.08.2025 के द्वारा मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन की अध्यक्षता में समिति का गठन करते हुए विभागीय प्रस्तावों को केस टू केस बेसिस पर कार्मिक एवं सतर्कता विभाग के माध्यम से समिति के समक्ष प्रस्तुत किये जाने की व्यवस्था निर्धारित की गई है।

यह‌ निर्देश जारी

उपरोक्त शासनादेशों में विहित व्यवस्था के आलोक में विभाग स्तर से कार्मिक एवं सतर्कता विभाग में प्राप्त हो रहे प्रस्तावों में प्रायः यह देखा जा रहा है कि विभागों द्वारा संवर्ग में स्वीकृत नियमित पदों के सापेक्ष रिक्त पदों को नियमित चयन प्रक्रिया के माध्यम से भरे जाने की कार्यवाही न करते हुए नियमित पदों के सापेक्ष संविदा/आउटसोर्स आदि माध्यमों से भरे जाने / विस्तारीकरण के प्रस्ताव किये जा रहे हैं। उक्त के दृष्टिगत भविष्य में कार्मिक एवं सतर्कता विभाग के उक्त संदर्भित शासनादेश दिनांक 25.04.2025 के प्रावधानों के अनुपालन में उत्पन्न होने वाली कठिनाईयों के निराकरण हेतु मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड शासन की अध्यक्षता में गठित समिति के समक्ष केवल उन्ही विभागों के प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा, जिनमें संबंधित नियमित पदों को सीधी भर्ती से भरे जाने हेतु अधियाचन सम्बन्धित आयोग / चयन संस्था को प्रेषित किया जा चुका हो तथा नियमित चयन हेतु भर्ती प्रक्रिया गतिमान हो। इस प्रकार प्रेषित किये जाने वाले विभागीय प्रस्तावों पर औचित्य/अपरिहार्यता का संज्ञान लेते हुए अधिकतम छः माह अथवा नियमित चयन, जो भी पहले हो. तक के प्रस्तावों पर ही विचार किया जायेगा। विभाग द्वारा इस संबंध में प्रस्तुत किये जाने वाले प्रस्तावों में यह स्पष्ट उल्लेख किया जाना सुनिश्चित किया जायेगा कि प्रश्नगत पदों पर नियमित चयन की कार्यवाही की जा रही है। उक्तानुसार दिशा-निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें।