19 जनवरी: आज से माघ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत, मां दुर्गा की दस महाविद्याओं का होगा पूजन, बन रहें यह शुभ संयोग, जानें घटस्थापना का शुभ मुहूर्त

आज 19 जनवरी 2026 है। आज से माघ नवरात्रि शुरू हो रहीं हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, साल में कुल चार नवरात्रि पड़ती हैं, जिनमें से दो गुप्त नवरात्रि, एक चैत्र और दूसरी शारदीय नवरात्रि होती हैं। गुप्त नवरात्रि माघ और आषाढ़ मास में आते हैं। पंचांग के अनुसार, माघ महीने में आने वाली गुप्त नवरात्रि साल की आखिरी गुप्त नवरात्रि होती है। इसे माघ शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से नवमी तक मनाया जाता है। माघ गुप्त नवरात्रि की शुरुआत 19 जनवरी से हो रही है। वहीं इसका समापन 27 जनवरी को होगा।

मां के इन स्वरूपों की पूजा का विधान

गुप्त नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों के अलावा मां भगवती दुर्गा के दस महाविद्याओं की पूजा की जाती है। इस गुप्त नवरात्र की शुरुआत जहां सर्वार्थसिद्धि योग के महासंयोग में होगी तो समापन के दिन 27 जनवरी को भी सर्वार्थ सिद्धि और रवि योग रहेगा। साथ ही खास बात यह है कि इन नौ दिनों में शुभ और मांगलिक कार्य हो सकेंगे, जो शुक्र अस्त होने के कारण नहीं हो पा रहे हैं। इन नौ दिनों में किए मांगलिक कार्य फलदायी भी रहेंगे।

देवी दुर्गा की उपासना और उनकी 10 महाविद्याओं की होती है पूजा

हिंदू पंचांग के अनुसार माघ माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 19 जनवरी को देर रात 1 बजकर 21 मिनट पर शुरू हो रही है। वहीं इस तिथि का समापन 20 जनवरी को देर रात 2 बजकर 14 मिनट पर होगा। ऐसे में माघ गुप्त नवरात्र की शुरुआत 19 जनवरी से होगी। जो 28 जनवरी तक चलने वाले हैं। इन नौ दिन के दौरान मां दुर्गा के 9 अवतारों की आराधना की जाती है। इन नौ दिन में 10 महाविद्याओं मां काली, तारा, त्रिपुर सुंदरी, भुवनेश्वरी, छिन्नमस्ता, त्रिपुर भैरवी, धूमावती, बगलामुखी, मातंगी और कमला की गुप्त रूप से पूजा की जाएगी। गुप्त नवरात्रि गोपनीय साधनाओं के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसमें शक्तियों को प्राप्त किया जा सकता है।

सुबह-शाम करें सप्तशती का पाठ

गुप्त नवरात्रि के नौ दिनों में भी मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। ज्योतिष महर्षि पंडित प्रकाश जोशी के अनुसार गुप्त नवरात्रि में नौ दिन के लिए कलश स्थापना की जा सकती है। यदि कलश की स्थापना की है तो सुबह-शाम मंत्र जाप, चालीसा या सप्तशती का पाठ करें। दोनों ही समय आरती करना भी अच्छा होगा। मां को दोनों समय भोग भी लगाएं। माघ गुप्त नवरात्रि में साधकों को नियमों के साथ कुछ विशेष मंत्रों का भी ध्यान रखना चाहिए, जिनका उच्चारण करने से मां भगवती प्रसन्न हो जाती है और भक्तों को सुख एवं समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करती हैं। ऐसे में साधकों को माघ नवरात्रि का शुभारंभ दुर्गा चालीसा के पाठ से अवश्य करना चाहिए।

जानें माघ गुप्त नवरात्रि में घटस्थापना का मुहूर्त

गुप्त नवरात्रि में घट स्थापना का विशेष महत्व होता है। इस बार घट स्थापना का शुभ मुहूर्त सुबह 7:14 से 10:46 बजे तक रहेगा। वहीं अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:11 से 12:53 बजे तक रहेगा।

बन रहें खास योग

19 जनवरी: कुमार योग, सर्वार्थ सिद्धि
20 जनवरी: द्विपुष्कर योग, राजयोग
21 जनवरी: राजयोग, रवि योग
22 जनवरी: रवि योग
23 जनवरी: कुमार योग, रवि योग
24 जनवरी: रवि योग
25 जनवरी: रवि योग, सर्वार्थ सिद्धि
27 जनवरी: सर्वार्थ सिद्धि योग