उत्तराखंड: यहां गैस माफिया पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, डीएम का आदेश— अब सीधा मुकदमा और सीधी जेल

उत्तराखंड से जुड़ी खबर सामने आई है। उत्तराखंड के देहरादून में रसोई गैस की कालाबाजारी रोकने के लिए जिलाधिकारी सविन बंसल ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाते हुए बेहद सख्त कदम उठाए हैं।

डीएम के निर्देश

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां अब गैस वितरण में गड़बड़ी पाए जाने पर किसी नोटिस या सुनवाई के बजाय सीधे FIR और जेल की कार्रवाई की जाएगी। QRT की छापेमारी में अब तक 5 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं और 3 आरोपी जेल भेजे गए हैं। अभियान के दौरान कुल 296 सिलेंडर (घरेलू व व्यावसायिक) जब्त किए गए हैं।

प्रशासन के 5 बड़े और कड़े फैसले

• ​70 एजेंसियों पर QRT तैनात: जिले की सभी 70 गैस एजेंसियों पर 30 अधिकारियों की ‘क्विक रिस्पॉन्स टीम’ तैनात कर दी गई है। ये अधिकारी रोजाना स्टॉक, वितरण और बैकलॉग की फिजिकल रिपोर्ट देंगे।
• ​होम डिलीवरी अनिवार्य: अब उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर केवल घर पर ही मिलेगा। एजेंसी या गोदाम से सीधे सिलेंडर उठाने की पुरानी परंपरा को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
• ​OTP आधारित पारदर्शिता: वितरण प्रणाली को पूरी तरह OTP आधारित बनाया गया है। बिना OTP के सिलेंडर डिलीवर नहीं होगा, जिससे बिचौलियों का खेल खत्म होगा।
• ​एजेंसी मालिक पर होगी FIR: छापेमारी में अगर किसी एजेंसी का सिलेंडर अवैध रूप से बिकता पाया गया, तो उसका मालिक सीधे जिम्मेदार होगा और उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।
• ​डाटा अपडेट का अल्टीमेटम: सॉफ्टवेयर में 25 हजार सिलेंडरों की एंट्री गायब मिलने पर DM ने सख्त नाराजगी जाहिर की और शाम तक सारा हिसाब ऑनलाइन अपडेट करने का अल्टीमेटम दिया है