अल्मोड़ा: अल्मोड़ा जनपद में स्वच्छ और सुरक्षित ईंधन पहुँचाने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी अंशुल सिंह की अध्यक्षता में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में ‘सिटी गैस वितरण (CGD) परियोजना’ के क्रियान्वयन और स्थापना को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इस परियोजना के शुरू होने से अल्मोड़ा के निवासियों को अब एलपीजी सिलेंडर के झंझट से मुक्ति मिलेगी और सीधे पाइपलाइन के जरिए रसोई गैस उपलब्ध होगी।
गेसोनेट सर्विसेज को मिला जिम्मा
बैठक में जानकारी दी गई कि भारत सरकार ने अल्मोड़ा सहित अन्य जनपदों में गैस नेटवर्क बिछाने के लिए ‘गेसोनेट सर्विसेज (यूके) लिमिटेड’ को अधिकृत किया है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य जनता को सस्ती, सुलभ और पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा प्रदान करना है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि गैस स्टेशनों और नेटवर्क स्थापना के लिए आवश्यक भूमि के चिन्हीकरण और आवंटन की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करें। सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि पाइपलाइन बिछाने या अन्य तकनीकी कार्यों में कोई बाधा न आए।
परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की जाएगी।
पर्यावरण और विकास को मिलेगी गति
जिलाधिकारी अंशुल सिंह ने कहा कि सिटी गैस वितरण परियोजना न केवल स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देगी, बल्कि इससे जनपद के समग्र विकास को भी नई गति मिलेगी। पर्यावरण संरक्षण की दृष्टि से भी यह एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा।
बैठक में रहें उपस्थित
इस महत्वपूर्ण बैठक में अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र, गेसोनेट सर्विसेज (यूके) लिमिटेड के प्रभारी नीरज पंत और विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।