अल्मोड़ा: दवा ही नहीं, दुआ और अपनापन भी है इलाज: अल्मोड़ा की फिल्म ‘प्रोजेक्ट रूपांतरण’ ने दी मानसिक स्वास्थ्य की नई सीख”

अल्मोड़ा: देवभूमि के सांस्कृतिक केंद्र अल्मोड़ा से एक सराहनीय कलात्मक पहल सामने आई है। मानसिक स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील विषय पर आधारित शॉर्ट फिल्म ‘प्रोजेक्ट रूपांतरण’ को आधिकारिक तौर पर रिलीज कर दिया गया है।

दवा ही नहीं, ‘अपनापन’ भी है इलाज

जानकारी के अनुसार यह फिल्म विशेष रूप से सिज़ोफ्रेनिया (Schizophrenia) जैसे गंभीर मानसिक विकार पर केंद्रित है, जिसे बेहद सरलता और संवेदनशीलता के साथ पर्दे पर उतारा गया है।‌ ‘प्रोजेक्ट रूपांतरण’ का मूल संदेश यह है कि मानसिक बीमारियों का उपचार केवल चिकित्सा या दवाइयों तक सीमित नहीं है। फिल्म के माध्यम से निर्देशक ने यह बताने का प्रयास किया है कि मानसिक रोगियों के प्रति समाज का नजरिया बदलना आवश्यक है। पारिवारिक सहयोग और सकारात्मक माहौल रिकवरी में दवा जितना ही असरदार होता है। समझदारी और संवेदनशीलता से किसी भी व्यक्ति के जीवन में ‘रूपांतरण’ लाया जा सकता है।

इन कलाकारों ने निभाई भूमिका

इस फिल्म की सबसे बड़ी विशेषता इसका स्थानीय परिवेश है। फिल्म की शूटिंग अल्मोड़ा के विभिन्न मनोरम और वास्तविक स्थानों पर की गई है। फिल्म में मुख्य भूमिकाओं में नीरज पंत, विपुल जोशी, रवि प्रसाद और हर्षित दुर्गापाल नजर आ रहे हैं, जो अल्मोड़ा और हल्द्वानी क्षेत्र के प्रतिष्ठित कलाकार हैं। फिल्म को वास्तविकता के करीब ले जाने के लिए महंतगांव जूनियर हाईस्कूल के छात्र-छात्राओं और अध्यापकों को भी शामिल किया गया है। बच्चों के सहज अभिनय की हर तरफ सराहना हो रही है। स्थानीय स्तर पर निर्मित यह फिल्म न केवल उत्तराखंड की प्रतिभा को मंच दे रही है, बल्कि समाज में वर्जित माने जाने वाले मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर एक जरूरी बहस भी शुरू कर रही है। फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।

पर्दे के पीछे की टीम

​सीमित संसाधनों के बावजूद तकनीकी टीम ने फिल्म को प्रभावशाली बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
• ​लेखक एवं निर्देशक: विपुल जोशी
• ​सिनेमेटोग्राफी: दीपांशु कुमार
• ​संपादन (Editing): नरेंद्र धाकड़
• ​विशेष सहयोग: त्रिभुवन गिरी महाराज, गौरव बंब और जितेंद्र गोस्वामी।