आज 20 अप्रैल 2026 है। आज संकर्षण चतुर्थी है। आज 20 अप्रैल 2026 (सोमवार) को वैशाख माह की संकर्षण विनायक चतुर्थी मनाई जाएगी। इस दिन भगवान गणेश का विधि-विधान से पूजन किया जाता है और कहते हैं कि गणपति जी प्रसन्न होकर अपने भक्तों के जीवन से सभी संकटों को दूर करते हैं। गणेशपुराण के अनुसार इस दिन गणेश जी की पूजा करने से सभी बाधाएं दूर होती हैं।
जानें शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 20 अप्रैल 2026 को सुबह 7.27 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 21 अप्रैल 2026 को सुबह 4.14 पर समाप्त होगी।
• चतुर्थी मध्याह्न मुहूर्त – सुबह 11:02 – दोपहर 01:38
• वर्जित चंद्र दर्शन का समय – सुबह 7.44 – रात 10.20
जानें पूजन विधि
आज प्रात: स्नान करने के बाद सबसे पहले सूर्य देव की पूजा करके उनको जल अर्पित करें । उसके बाद हाथ में जल, अक्षत् और फूल लेकर विनायक चतुर्थी व्रत और गणेश पूजा का संकल्प ले। पूजा के शुभ मुहूर्त में गणेश जी की मूर्ति की स्थापना करें । उनको जनेऊ, वस्त्र, मौली, सिंदूर, चंदन, अक्षत्, धूप, दीप, गंध, दुर्वा, लाल पुष्प, माला, फल, हल्दी आदि अर्पित करते हुए पूजा करें । अब गणपति बप्पा को उनका पसंदीदा भोग मोदक या फिर बूंदी के लड्डुयों का भोग अर्पित करें । उसके बाद गणेश चालीसा और विनायक चतुर्थी व्रत कथा का पाठ करें । इसके बाद गणेश जी की घी से आरती करें । उसके पश्चात पूजा में कमियों के लिए क्षमा मांग लें और जीवन में सुख, समृद्धि, सफलता प्रदान करने या मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए प्रार्थना करें । आज आप ओम गं गणपतये नम: का मंत्रो का उच्चारण करते रहें ।आज के दिन आप चंद्रमा न देखें, इससे आप पर कोई झूठा आरोप लग सकता है। आज आप अपनी क्षमता के अनुसार वस्त्र, अन्न, धन आदि का दान भी कर सकते हैं।
20 अप्रैल: संकर्षण चतुर्थी आज, इस विधि विधान से करें गणपति बप्पा की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त