आज 21 अप्रैल 2026 है। आज सूरदास जयंती है। सूरदास जयंती संत सूरदास के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाई जाती है. हिन्दू पंचांग के अनुसार, महान संत सूरदास जी की जयंती हर साल वैशाख महीने में शुक्ल पक्ष पंचमी को आती है। सूरदास जयंती महान कृष्ण भक्त, कवि और संत सूरदास जी के जन्म की याद में वैशाख शुक्ल पंचमी को मनाई जाती है, जो 2026 में 21 अप्रैल को है।
ब्राह्मण परिवार में हुआ था जन्म
यह दिन (1478 ई. में जन्मे) उनके भक्ति गीतों, ब्रजभाषा में रचित ‘सूरसागर’ व ‘साहित्य लहरी’ के गायन और कृष्ण भक्ति के माध्यम से आध्यात्मिक समर्पण के लिए मनाया जाता है। सूरदास जी का जन्म 1478 ई में रुनकता गांव में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम रामदास था। सूरदास जी के आंखों में रोशनी नहीं थी। दृष्टिहीन होने के बावजूद, उन्होंने कृष्ण की बाल लीलाओं का दिव्य वर्णन किया। वे श्री वल्लभाचार्य के शिष्य थे।
दिव्य दृष्टि के प्रतीक सूरदास
सूरदास जी का जीवन हमें सिखाता है कि ईश्वर को देखने के लिए चर्म चक्षुओं की नहीं, बल्कि प्रेम और समर्पण से भरे हृदय की आवश्यकता होती है। आज उनकी जयंती पर, आइए हम अपने भीतर उसी निस्वार्थ भक्ति को जगाने का संकल्प लें। ऐसा कहा जाता है कि सूरदास जी ने हजारों से अधिक रचनाओं का निर्माण किया, जिनमें से 8,000 अभी भी जीवंत है।