अल्मोड़ा: अल्मोड़ा जिले के न्यायिक मजिस्ट्रेट नवल सिंह बिष्ट की अदालत ने चेक बाउंस के एक पुराने मामले में फैसला सुनाया है और अभियुक्त धीरज वर्मा (निवासी हाईडिल कॉलोनी, पातालदेवी, अल्मोड़ा) को एक साल के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने आरोपी पर 13 लाख का भारी जुर्माना भी लगाया है।
जानें क्या है मामला
यह मामला वर्ष 2021-22 का है। अधिवक्ता बीपी पंत के अनुसार वादी वीरेंद्र सिंह कार्की (निवासी न्यू ऑफिसर कॉलोनी, नरसिंह बाड़ी) और धीरज वर्मा के बीच अच्छे संबंध थे। इसी भरोसे के आधार पर धीरज ने अपने पिता के इलाज और मकान निर्माण के लिए वीरेंद्र से 11.90 लाख रुपये उधार लिए थे। इस लेनदेन के समय दो गवाहों के हस्ताक्षर भी कराए गए थे। उधार ली गई रकम को चुकाने के लिए धीरज ने नवंबर 2023 में वीरेंद्र को ‘इंडियन बैंक’ का एक चेक दिया। जब वीरेंद्र ने इसे बैंक में लगाया, तो चेक बाउंस हो गया। पैसे वापस न मिलने पर वीरेंद्र ने कानून का सहारा लिया और न्यायालय में मुकदमा दायर किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने धीरज वर्मा को दोषी पाया।
अदालत का आदेश
जिस पर अदालत ने दोषी को 1 साल का साधारण कारावास व कुल 13 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जिसमें 12,95,000 वीरेंद्र सिंह कार्की को मुआवजे (प्रतिकर) के तौर पर दिए जाएंगे। 5,000 राजकीय कोष में जमा होंगे। यदि दोषी तय समय सीमा के भीतर जुर्माने की राशि जमा नहीं करता है, तो उसे तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अल्मोड़ा: चेक बाउंस मामले में अदालत ने सुनाया फैसला, दोषी को एक साल की जेल और 13 लाख का जुर्माना