उत्तराखंड: लाखामंडल शिव मंदिर के संरक्षित क्षेत्र में अवैध खोदाई, मिले प्राचीन मूर्तियां और अवशेष, शुरू हुई जांच

उत्तराखंड: उत्तराखंड के ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व के प्राचीन शिव मंदिर लाखामंडल के पास संरक्षित क्षेत्र में कुछ लोगों द्वारा जेसीबी (JCB) से अवैध रूप से खोदाई की जा रही थी, जिसके दौरान जमीन के भीतर से कुछ प्राचीन अवशेष और मूर्तियां बरामद हुई हैं।

बरामद हुई मूर्तियां

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस धार्मिक धरोहर के पास हो रहे अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों को लेकर शिव मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने कड़ी नाराजगी जताई है। इस संबंध में शिव मंदिर समिति के अध्यक्ष सुशील गौड़ ने बताया कि संरक्षित क्षेत्र में मंदिर के बिल्कुल पास जेसीबी से अवैध खोदाई की जा रही थी। इस दौरान प्राचीन मूर्तियां और अवशेष मिले हैं। इस तरह की अवैध खोदाई पर तुरंत और पूरी तरह से प्रतिबंध लगना चाहिए। संरक्षित क्षेत्र में बढ़ता अतिक्रमण इस पौराणिक धरोहर के अस्तित्व के लिए बड़ा खतरा है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए शिव मंदिर समिति ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को पत्र भेजकर उचित कार्रवाई की मांग की थी। इस शिकायत पर तुरंत संज्ञान लेते हुए एसडीएम प्रेमलाल ने कड़ा रुख अपनाया है।


जांच शुरू

एसडीएम ने नायब तहसीलदार (चकराता) राजेंद्र लाल और क्षेत्रीय राजस्व उपनिरीक्षक (लाखामंडल) सुरेश चन्द जिनाटा को तुरंत मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को जल्द से जल्द पूरे मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया है। साथ ही स्पष्ट किया कि इस पूरे मामले और मिले अवशेषों के संबंध में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) / पुरातत्व विभाग को भी अवगत कराया जा रहा है, ताकि इन प्राचीन संपदाओं को सुरक्षित और संरक्षित किया जा सके।