उत्तराखंड: साइबर ठगी पर लगेगी लगाम: सरकार का ‘संचार साथी’ ऐप करेगा गेमओवर, C-DOT वैज्ञानिक ने बताए यह फायदे

उत्तराखंड: उत्तराखंड में डिजिटल युग में बढ़ते साइबर फ्रॉड, फर्जी कॉल, सिम के दुरुपयोग और मोबाइल चोरी की घटनाओं को देखते हुए दूरसंचार विभाग (DoT) ने आम जनता के लिए एक बेहद जरूरी और व्यावहारिक एडवाइजरी जारी की है।

दी यह जानकारी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विभाग ने नागरिकों को सी-डॉट (C-DOT) द्वारा विकसित ‘संचार साथी’ पोर्टल और ऐप का उपयोग करने की सलाह दी है, जो आपको साइबर अपराधियों से सुरक्षित रखने में मददगार साबित होगा। बीते दिनों हल्द्वानी पहुंचे सी-डॉट के वरिष्ठ वैज्ञानिक और तकनीकी ऑफिसर मनीष चौधरी ने एक विशेष बातचीत में बताया कि गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध ‘संचार साथी’ ऐप देश के नागरिकों को ‘साइबर स्मार्ट’ बनाता है। यह ऐप मोबाइल और सिम से जुड़ी हर छोटी-बड़ी समस्या के समाधान और ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने का एक सशक्त माध्यम है। बताया कि व्हाट्सएप, एसएमएस या कॉल पर आने वाले फर्जी लॉटरी, नौकरी के झांसे, केवाईसी (KYC) अपडेट या बैंक अधिकारी बनकर की जाने वाली ठगी के प्रयासों की शिकायत सीधे ऐप में दिए गए ‘चक्षु पोर्टल’ के लिंक पर की जा सकती है।

करता है यह काम

फोन खोने या चोरी होने पर यूजर इस ऐप के माध्यम से अपने फोन का IMEI नंबर ब्लॉक कर सकते हैं। ब्लॉक होने के बाद उस हैंडसेट में देश की किसी भी कंपनी का सिम काम नहीं करेगा। फोन वापस मिलने पर इसे यहीं से अनब्लॉक भी किया जा सकता है। कोई भी नया या पुराना फोन खरीदने से पहले यूजर उसका IMEI नंबर ऐप में डालकर तुरंत चेक कर सकते हैं कि कहीं वह हैंडसेट ब्लैकलिस्टेड, डुप्लीकेट या चोरी का तो नहीं है। यूजर अपने नाम या आईडी पर जारी सभी सक्रिय सिम कार्ड की जानकारी महज एक मिनट में देख सकते हैं। अगर कोई नंबर संदिग्ध या अनजान लगता है, तो उसे बंद करने की रिपोर्ट भी यहीं से तुरंत की जा सकती है।