उत्तराखंड: अंगदान में ‘देवभूमि’ ने पेश की मिसाल, 19 राज्यों को पछाड़कर रचा इतिहास, 5 हजार से अधिक लोगों ने लिया महादान का संकल्प



उत्तराखंड: “मृत्यु जीवन की अंतिम देहरी है, लेकिन कुछ लोग इस देहरी को पार करके भी औरों के जीवन में उम्मीद का दीप जला जाते हैं।” सेवा और संवेदना की इसी भावना को चरितार्थ करते हुए उत्तराखंड ने अंगदान के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा है।

उत्तराखंड ने रचा इतिहास

जिसमें महादान की इस पवित्र मुहिम में उत्तराखंड ने देश के 19 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को पीछे छोड़ते हुए अपनी एक विराट पहचान स्थापित की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ताजा आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड में अब तक 5,356 लोगों ने अंगदान का संकल्प लिया है। अंगदान पंजीकरण के मामले में उत्तराखंड ने बिहार, हिमाचल और असम जैसे बड़े राज्यों को पछाड़ दिया है।
• ​पीछे छूटे मुख्य राज्य: बिहार, हिमाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, झारखंड और असम।
• ​पीछे छूटे केंद्रशासित व छोटे राज्य: लक्षद्वीप, लद्दाख, गोवा, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, अंडमान-निकोबार, सिक्किम, मिजोरम, त्रिपुरा, मेघालय, मणिपुर, पुडुचेरी और चंडीगढ़।
राज्यवार अंगदान पंजीकरण के आंकड़े

स्थान
राज्य
पंजीकरण संख्या

01
उत्तराखंड
5,356

02
बिहार
4,943

03
हिमाचल प्रदेश
3,905

04
छत्तीसगढ़
3,139

05
जम्मू-कश्मीर
3,030

06
झारखंड
2,547

07
असम
2,418