देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरों और बच्चों, बुजुर्गों व मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ा व सख्त कदम उठाया है।
आदेश जारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस संबंध में सरकार ने सभी मंत्रालयों को आदेश जारी किए हैं। जिसमें बताया है कि वे 30 जून तक अपने परिसरों (कैंपस) से आवारा कुत्तों को पूरी तरह हटाना सुनिश्चित करें। सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्कूल, अस्पताल, रेलवे स्टेशन और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसे संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा सर्वोपरि है। इस निर्देश के तहत मंत्रालयों को जरूरी कार्य करने होंगे। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के पिछले निर्देशों के अनुपालन में लिया गया है।
करने होंगे यह कार्य
• सुरक्षा घेरा: कैंपस में कुत्तों के प्रवेश को रोकने के लिए बाड़ या दीवार की व्यवस्था की जाएगी।
• कचरा प्रबंधन: परिसर में बचे हुए खाने को व्यवस्थित रूप से नष्ट किया जाएगा ताकि कुत्ते आकर्षित न हों।
• नोडल अधिकारी: हर कैंपस के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो पूरी व्यवस्था की निगरानी करेगा।
• स्वास्थ्य और जागरूकता: अस्पतालों में एंटी-रेबीज वैक्सीन का पर्याप्त स्टॉक रखना अनिवार्य होगा, जबकि स्कूलों में बच्चों को कुत्तों से बचाव और प्राथमिक उपचार के बारे में शिक्षित किया जाएगा।
• स्टाफ की तैनाती: रेलवे स्टेशनों और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसी भीड़भाड़ वाली जगहों पर अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश
यह पूरी कवायद सुप्रीम कोर्ट द्वारा समय-समय पर जारी आदेशों के तहत की जा रही है। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि संस्थागत परिसरों से पकड़े गए कुत्तों को स्टेरिलाइज (नसबंदी) और वैक्सीनेट करने के बाद कैंपस में वापस नहीं छोड़ा जाएगा। उन्हें सुरक्षित शेल्टर होम्स में स्थानांतरित किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्रालय अगस्त माह तक इस संबंध में विस्तृत रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में जमा करेगा।