रामनगर के वनों में मानसून के ‘दूत’ की दस्तक: चातक पक्षी का हुआ आगमन, कैमरे में हुआ कैद

रामनगर: तराई के जंगलों में मानसून के आगमन का प्रतीक माने जाने वाले प्रवासी पक्षी ‘चातक’ (मेघदूत) की उपस्थिति दर्ज की गई है।

कैमरे में कैद हुई तस्वीर

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार एक नेचर गाइड ने इस दुर्लभ पक्षी की तस्वीर को अपने कैमरे में कैद की है। तराई पश्चिमी वन प्रभाग के समीप इन पक्षियों को देखे जाने के बाद यह संकेत मिल गया है कि मानसून अब पूरी तरह से दस्तक देने को तैयार है। हालांकि, इस बार चातक का आगमन सामान्य समय से 15 दिन की देरी से हुआ है।


​कोयल परिवार का है हिस्सा

​चातक पक्षी कोयल परिवार से संबंधित है। इनकी विशेषता यह है कि ये अपना घोंसला स्वयं नहीं बनाते। ये कोयल की भांति ही अपने अंडे दूसरे पक्षियों के घोंसलों में देते हैं और उन्हें पालने के लिए जंगल बैबलर जैसे अन्य पक्षियों पर निर्भर रहते हैं। यह पक्षी मुख्य रूप से मानसून के दौरान ही प्रजनन करता है और सर्दियाँ आते ही वापस लौट जाता है। यह पक्षी अफ्रीका से मानसून की हवाओं के साथ अरब सागर होते हुए भारत पहुंचता है। भारत में यह मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, गुजरात और राजस्थान जैसे राज्यों में देखा जाता है।