उत्तराखंड: श्रीनगर गढ़वाल: हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में रविवार को आयोजित पीएचडी प्रवेश परीक्षा विवादों में घिर गई है।
की यह मांग
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक परीक्षा की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिस पर छात्रों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। छात्र नेताओं का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा को नकल-विहीन और पारदर्शी बनाने का दावा करते हुए परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाने की बात कही थी। छात्रों का दावा है कि परीक्षा के दौरान करीब आधा घंटा बिजली आपूर्ति बाधित रही, जिससे जैमर काम करना बंद कर गए। छात्रों का कहना है कि बिजली कटने के दौरान जैमर का निष्क्रिय होना परीक्षा की गोपनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। छात्रों ने आरोप लगाया कि बिजली गुल रहने के दौरान विश्वविद्यालय के एक अधिकारी को कुछ शिक्षकों के साथ मोबाइल फोन लेकर परीक्षा कक्ष में प्रवेश करते देखा गया। छात्रसंघ अध्यक्ष महिपाल बिष्ट और महासचिव अनुरोध पुरोहित ने आशंका जताई है कि इस दौरान प्रश्नपत्र की फोटो खींचकर बाहर भेजी गई हो सकती है, जिससे परीक्षा की शुचिता प्रभावित हुई है। जिस पर मांग की है कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। परीक्षा के दौरान हुई घटनाओं का तथ्यात्मक विवरण सार्वजनिक किया जाए। यदि आरोपों की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पुलिस को संभालना पड़ा मोर्चा
मामले की गंभीरता को देखते हुए कीर्तिनगर पुलिस मौके पर पहुंची। फिलहाल, विश्वविद्यालय के अधिकारियों, पुलिस प्रशासन और छात्र नेताओं के बीच वार्ता का दौर जारी है।