देश दुनिया की खबरों से हम आपको रूबरू कराते रहते हैं। एक ऐसी खबर हम आपके सामने लाए हैं। केंद्र सरकार ने ‘अग्निपथ योजना’ के तहत चार साल का कार्यकाल पूरा करने वाले युवाओं के लिए कई बड़े और राहत भरे फैसले लिए हैं।
दी यह जानकारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके तहत अब पूर्व अग्निवीरों को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और असम राइफल्स में कॉन्स्टेबल (जनरल ड्यूटी) और राइफलमैन के पदों पर भर्ती के लिए विशेष प्राथमिकता और लाभ दिए जाएंगे। इस संबंध में
लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने इस फैसले की जानकारी दी है। गृह मंत्रालय ने सेना से बाहर आने वाले युवाओं के करियर और रोजगार के अवसरों में बेहतर समन्वय व मार्गदर्शन के लिए एक विशेष ‘एक्स अग्निवीर विंग’ की स्थापना की है। अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच के अग्निवीरों का 4 साल का कार्यकाल इस साल (2026) के अंत तक पूरा हो जाएगा। इसके तुरंत बाद वे इन सरकारी भर्तियों के लिए सीधे पात्र होंगे। वर्तमान नियमों के अनुसार, 4 साल की सेवा के बाद केवल 25% अग्निवीरों को ही सेना में स्थायी (रगुलर) सेवा में रखा जाना तय है। हालांकि, अब तीनों सेनाओं ने इस सीमा को बढ़ाने का सुझाव दिया है।
| सेना का अंग | वर्तमान सीमा | प्रस्तावित सीमा |
|---|---|---|
| भारतीय नौसेना (Navy) | 25% | 75% |
| थल सेना (Army) | 25% | 50% |
| वायु सेना (Air Force) | 25% | 50% |
देखें प्रमुख घोषणाएं और छूट
• 50 प्रतिशत आरक्षण: CAPF और असम राइफल्स की कॉन्स्टेबल (GD) और राइफलमैन भर्ती में पूर्व अग्निवीरों के लिए एक अलग श्रेणी बनाई गई है, जिसके तहत 50% पद केवल इन्हीं के लिए आरक्षित रहेंगे।
• उम्र सीमा में छूट:
◦ सभी पूर्व अग्निवीरों को अधिकतम आयु सीमा में 3 वर्ष की छूट दी जाएगी।
◦ अग्निपथ योजना के पहला बैच के उम्मीदवारों को विशेष राहत देते हुए आयु सीमा में 5 वर्ष की अतिरिक्त छूट मिलेगी।
• लिखित परीक्षा व PET से मुक्ति: पूर्व अग्निवीरों को शारीरिक मानदंड (Physical Standards), शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) और लिखित परीक्षा देने की जरूरत नहीं होगी। सरकार का मानना है कि सेना में 4 साल की सेवा के दौरान युवा इन सभी मानकों को पहले ही पूरा कर चुके हैं।