उत्तराखंड बनेगा ‘हिमालयन रुद्राक्ष’ का हब: धामी सरकार बनाएगी व्यापक नीति, पहाड़ों की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई रफ्तार, किसानों की बढ़ेगी आय

उत्तराखंड: देवभूमि उत्तराखंड में अब रुद्राक्ष केवल आस्था और धर्म का प्रतीक नहीं रहेगा। जी हां अब यह राज्य की पर्वतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाली एक बड़ी व्यावसायिक फसल बनने जा रहा है।

ग्रामीण उद्यमिता और स्वरोजगार को मिलेगा बढ़ावा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक धामी सरकार ने उत्तराखंड को ‘हिमालयन रुद्राक्ष हब’ के रूप में विकसित करने के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया है। जिस पर उन्होंने राज्य में रुद्राक्ष की संगठित और व्यावसायिक खेती को बढ़ावा देने के लिए व्यापक नीति बनाने के कड़े निर्देश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद शासन ने उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग को राज्य नीति तैयार करने का जिम्मा सौंपा है। प्रस्तावित नीति में केवल खेती ही नहीं, बल्कि प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, मार्केटिंग और उद्योग तक पूरी वैल्यू चेन विकसित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

नेपाल मॉडल का अध्ययन

रिपोर्ट्स के मुताबिक राज्य में रुद्राक्ष की खेती की संभावनाओं को देखते हुए हाल ही में टिहरी विधायक किशोर उपाध्याय के नेतृत्व में एक अध्ययन दल नेपाल दौरे पर गया था। इस दल में कृषि वैज्ञानिक डॉ. रमेश सिंह पाल और रुद्राक्ष विशेषज्ञ प्रिंस अग्रवाल शामिल थे। इस टीम ने नेपाल में खेती के तरीके, फसल प्रबंधन, कटाई के बाद प्रसंस्करण, विपणन और किसानों के उत्पादन मॉडल का गहन अध्ययन किया और अपनी विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंप दी है।
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