उत्तराखंड की जेलों में फिर गूंजेगी हंसी: सीवान के ‘लाफिंग बुद्धा’ की अनोखी पहल,डाकू अंगुलिमाल और महर्षि वाल्मीकि की कथाओं से बदलेगा कैदियों का दिल

उत्तराखंड: हंसी, प्रेरणा और सकारात्मक सोच के माध्यम से कैदियों के जीवन में बदलाव का संदेश देने वाले बिहार के सीवान निवासी नागेश्वर दास उर्फ ‘लाफिंग बुद्धा’ एक बार फिर उत्तराखंड की जेलों में अपना विशेष कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।

किया आमंत्रित

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वह भगवान बुद्ध, डाकू अंगुलिमाल और महर्षि वाल्मीकि के जीवन की घटनाओं का उदाहरण देकर कैदियों को आत्मबोध और हृदय परिवर्तन के लिए प्रेरित करते हैं। उनका मुख्य प्रयास रहता है कि कैदी अपने अतीत की गलतियों से सीखें और भविष्य के प्रति एक सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करें। नागेश्वर दास पिछले कई वर्षों से देश के विभिन्न राज्यों की जेलों में कैदियों के बीच प्रेरणात्मक कार्यक्रम आयोजित कर रहे हैं। वे बिहार की जेलों में लगातार पांच वर्षों तक अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में भी उनके कार्यक्रमों को काफी सराहा गया है। हल्द्वानी जेल अधीक्षक प्रमोद पांडे ने कैदियों में सकारात्मक सोच, आत्मचिंतन और आत्म-सुधार की भावना विकसित करने के उद्देश्य से उन्हें आमंत्रित किया है।