02 अक्टूबर:पितृ पक्ष 2026: षष्ठी एवं सप्तमी का श्राद्ध आज, जानें शुभ मुहूर्त

आज 02 अक्टूबर 2026 है। 27 सितंबर दिन रविवार को सूर्योदय के साथ ही आश्विन कृष्ण पक्ष प्रतिपदा तिथि आरंभ हुई। इस बार दो श्राद्ध एक ही दिन पड़ रहे हैं। षष्ठी एवं सप्तमी का श्राद्ध कार्य 2 अक्तूबर दिन शुक्रवार को ही किया जाएगा। इसका मूल कारण यह है की षष्ठी एवं सप्तमी तिथि मध्यान्ह काल में 2 अक्तूबर को ही प्राप्त हो रही है।

खास है महत्व

सुबह स्नान करके साफ वस्त्र पहनें। दक्षिण दिशा की तरफ मुख करके बैठें।

जनेऊ या गमछे को दाएं कंधे पर रखें (अपसव्य स्थिति)
हाथ में सामग्री लें। हाथ में कुशा और जल से भरा पात्र रखें, जिसमें काले तिल मिलाए गए हों।
जल अर्पण: हाथ की अंजलि बनाएं और अंगूठे तथा तर्जनी के बीच के हिस्से (पितृतीर्थ) से जल को दक्षिण दिशा की ओर 5, 7 या 11 बार श्रद्धापूर्वक अर्पित करें।
स्मरण और मंत्र: अपने पितरों का नाम और गोत्र लेकर या सरल भाव से “ॐ आगच्छन्तु मे पितर एव गृहणन्तु जलाञ्जलिम् ” मंत्र का स्मरण करते हुए जल गिराएं।

श्राद्ध व‌ मुहूर्त

हिंदू पंचांग के अनुसार, तर्पण 2 अक्तूबर दिन शुक्रवार को दिन में 12:17 बजे तक षष्ठी उसके बाद सप्तमी तिथि है इसलिए सप्तमी का श्राद्ध एवं तर्पण भी 2 अक्तूबर दिन शुक्रवार को ही होगा।