08 अक्टूबर: दंगों पर नियंत्रण और त्वरित राहत का भरोसा: जानिए शांति का प्रतीक ‘रैपिड एक्शन फोर्स’ की गौरवगाथा, जानें इतिहास

आज 08 अक्टूबर 2026 है। आज रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) का स्थापना दिवस मनाया जाता है। यह दिवस प्रतिवर्ष 7 अक्टूबर को मनाया जाता है, क्योंकि इस बल ने 7 अक्टूबर 1992 से पूरी तरह से कार्य करना शुरू किया था। हालांकि,
आरएएफ की औपचारिक स्थापना 11 दिसंबर 1991 को हुई थी।

खास है महत्व

इसका मुख्य उद्देश्य दंगों, दंगा जैसी स्थितियों, भीड़ नियंत्रण और राहत कार्यों से निपटना है। आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 1992 में रैपिड एक्शन फोर्स की स्थापना की गई थी। जनवरी 2018 से इसमें 5 और इकाइयां जोड़ी गईं। इन इकाइयों का गठन दंगों और इसी तरह की स्थितियों से निपटने और आंतरिक सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने के लिए किया गया था। आरएएफ एक जीरो रिस्पॉन्स फोर्स है जो संकट की स्थिति में तुरंत पहुंच जाती है, जिससे आम जनता के बीच सुरक्षा और आत्मविश्वास की तत्काल भावना पैदा होती है। इस बल का एक अनूठा ध्वज भी है जो शांति का प्रतीक है। इसे राष्ट्रपति ध्वज से सम्मानित किया गया है, जो किसी भी भारतीय सैन्य इकाई को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। तत्कालीन उप प्रधानमंत्री श्री एल.के. आडवाणी ने 7 अक्टूबर, 2003 को राष्ट्र के प्रति निस्वार्थ सेवा के लिए इसे अपने गठन के 11वें वर्ष में प्रदान किया था। आरएएफ द्वारा प्रशिक्षित पुरुष और महिला टुकड़ियों को हर साल संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों के लिए विभिन्न देशों (जैसे, हैती, कोसोवो, लाइबेरिया, आदि) में तैनात किया जाता है।